किसान मजदूर सेना के आंदोलन का असर, अखिलेश यादव ने भी गन्ना किसानों पर तोड़ी चुप्पी

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लखनऊ– किसान मजदूर सेना द्वारा पिछले एक महीने से लगातार प्रदेश के गन्ना किसानों के बकाया मूल्य को लेकर अलग-अलग जिलों में आंदोलन चलाया जा रहा है।
इस आंदोलन में संगठन के पदाधिकारियों द्वारा जिला अधिकारी, उप जिलाधिकारी व तहसीलदार को ज्ञापन दिया जा रहा है। साथ ही साथ किसान मजदूर सेना के गोरखपुर कार्यालय से लगातार सभी मंत्रियों को, प्रशासन को ईमेल के माध्यम से गन्ना किसानों के बकाया राशि का भुगतान जल्द से जल्द करवाने की मांग की जा रही है।
किसान मजदूर सेना द्वारा जारी इन आंदोलनों को स्थानीय मीडिया से लेकर प्रदेश व देश की मीडिया ने कवरेज दिया है।

किमसे के स्वयमसेवकों के संघर्ष से सभी राजनीतिक पार्टियां हलकान हैं और किसानों को को एकबार फिर वोट बैंक के तौर पर इस्तेमाल करना चाहती हैं। इसी क्रम में अखिलेश यादव ने आज तक न्यूज़ चैनल पर गन्ना किसान के बकाए को लेकर एक बार आवाज उठाई है।

अखिलेश के इस बात पर पलटवार करते हुए किमसे संस्थापक जयप्रकाश दुबे जेपीभैया ने कहा है कि जब सपा का शासन काल था तब भी गन्ना किसानों की यही स्थित थी, जिसको लेकर किसान संगठनों को सड़क से कोर्ट तक जूझना पड़ता था। दोनों सरकारें किसानों को लेकर के केवल कलाबाजी कर रही हैं। जेपीभैया ने कहा, असली मुद्दों पर न कोई किसान संगठन बात कर रहा है और न ही वर्तमान सरकार। सिर्फ हमारा संगठन किसान मजदूर सेना ही किसानों, प्राइवेट कर्मचारियों, श्रमिकों, छोटे व्यापारियों व देश हित के मुद्दों को लेकर के लगातार आगे बढ़ रहा है।

वहीं किसान मजदूर सेना के गोण्डा जिला महामंत्री शशि धर पांडेय ने कहा है कि अगर सरकार सिर्फ गन्ना किसानों के बकाया भुगतान पर लफ़्फ़ाजी करती रही तो उत्तर प्रदेश में एक बड़ा आंदोलन होगा जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।

मुकेश कुमार

एडिटर: मुकेश कुमार

Hindustan18-हिंदी में सम्पादक हैं। किसान मजदूर सेना (किमसे) में राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी के पद पर तैनात हैं।

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