कृषिमंत्री सूर्यप्रताप शाही ने किमसे प्रमुख जयप्रकाश दूबे को दिया था कार्यवाही का भरोसा, अब खाद विक्रेताओं पर कार्यवाही शुरू

पढ़ना नहीं चाहते? तो इसे सुनें..

लखनऊ/गोण्डा – किसान मजदूर नेता जयप्रकाश दूबे उर्फ जेपीभैया द्वारा यूरिया किल्लत को लेकर सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ व कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही जी को पत्र व फोन के माध्यम से अवगत करवाया गया था जिसपर कृषि मंत्री ने बड़ा एक्शन लिया है।

इसी क्रम में उत्तर प्रदेश के गोंडा जिला के कृषि अधिकारी जेपी यादव ने जनपद के समस्त फुटकर उर्वरक विक्रेताओं को निर्देशित किया है कि उर्वरकों की बिक्री पीओएस मशीन से ही करें। यदि किसी भी विक्रेता की पीओएस मशीन खराब है तो सहकारिता क्षेत्र के विकेता क्षेत्राधिकारी इफको दिनेश सिंह एवं निजी क्षेत्र के विक्रेता कृभको फर्टिलाइजर कम्पनी के प्रतिनिधि हरिशंकर कुशवाहा से सम्पर्क कर मशीन को सही कराने के उपरान्त ही उर्वरकों की बिक्री करें।
कृषि मंत्री ने किसान मजदूर सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयप्रकाश से फोन पर आश्वासन दिए था कि शीघ्र ही खाद विक्रेताओं के विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी, जिसका परिणाम अब देखने को मिल रहा है। प्रदेश के कई जिलों में उर्वरक माफियाओं पर शिकंजा कसा गया है व फुटकर खाद्य विक्रेताओं की भी जांच की जा रही है। इस अभियान में प्रदेश के कई जिले के खाद विक्रेता यूरिया की कालाबाजारी में दोषी पाए गए और उनका लाइसेंस निरस्त किया गया। किसान मजदूर सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयप्रकाश दुबे उर्फ जेपीभैया ने ट्वीट करके मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व कृषि मंत्री को किसानों के विरुद्ध हो रहे अत्याचार पर कार्यवाही करने के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया है।

उन्होंने बताया कि क्षेत्र में उनके अथवा अन्य विभागीय अधिकारियों के भ्रमण के दौरान तथा दूरभाष पर भी उर्वरक विक्रेताओं द्वारा कृषकों से निर्धारित दर से अधिक दाम पर उर्वरकों की बिक्री करने तथा कृषकों को यूरिया उर्वरक के साथ अन्य उत्पाद लगाकर बिक्री करने की भी शिकायतें किमसे द्वारा प्राप्त हुई हैं। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि किसी भी उर्वरक विक्रेता द्वारा ऐसा करते पाये जाने पर सम्बन्धित विक्रेता के विरुद्ध उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 की सुसंगत धाराओं के साथ-साथ आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के अंंतर्गत कार्यवाही की जायेगी।

जनपद के समस्त थोक उर्वरक विक्रेताओं को यह भी चेतावनी दी गई है कि फुटकर उर्वरक विक्रेताओ के पीओएस मशीन में यदि 10 मीट्रिक टन से अधिक उर्वरक उपलब्ध है तो ऐसे उर्वरक विक्रेताओं के स्टाक रजिस्टर में स्टाक का मिलान कर ही उर्वरकों की आपूर्ति, बिक्री करें। यदि पीओएस मशीन का स्टाक एवं स्टाॅक रजिस्टर में भिन्नता है तो ऐसे विक्रेता को उर्वरकों की आपूर्ति कदापि न करें।

उन्होंने यह भी चेतावनी दी है कि किसी भी उर्वरक विक्रेता द्वारा निर्धारित मूल्य से अधिक दाम पर उर्वरक बेंचने की शिकायत मिलने पर कठोर कार्यवाही होगी। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि अब तक जिले में 285 दुकानों पर छापेमारी की गई है तथा 63 नमूनों को जांच के लिए भेजा गया है। कमियां पाए जाने पर 11 दुकानदारों के लाइसेन्स निलम्बित करने के साथ ही 03 दुकानदारों को नोटिस दी गई है। उन्होंने कहा है कि कहीं भी अनियमितता की शिकायत मिलने पर निश्चित ही कठोर कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।

मुकेश कुमार

एडिटर: मुकेश कुमार

Hindustan18-हिंदी में सम्पादक हैं। किसान मजदूर सेना (किमसे) में राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी के पद पर तैनात हैं।

Next Post

पायलट की "घर वापसी" से बढ़ी गहलोत की ताकत, राजस्थान सरकार ने हासिल किया विश्वास मत; 08 ख़ास बातें

Fri Aug 14 , 2020
पढ़ना नहीं चाहते? तो इसे सुनें.. लगभग एक महीने से जरू सियासी खींचतान और बगावत के स्थिर होने के बाद राजस्थान विधानसभा में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नेतृत्‍व वाली कांग्रेस सरकार ने आज बहुमत […]
error: Content is protected !!