गाना शेयर कर टीम इंडिया के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने इंटरनैशनल क्रिकेट को कहा अलविदा

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खेल-कूद/ क्रिकेट – ‘मैं पल दो पल का शायर हूं…’ गाना शेयर कर टीम इंडिया के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने अंतराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहा है।

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने अंतराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया है। साथ ही साथ सुरेश रैना ने भी अपने सन्यास की घोषणा कर दी है जिससे उनके चाहने वाले काफी मायूस हैं। धोनी ने आधिकारिक सोशल मीडिया के जरिए संन्यास की घोषणा की है। धोनी टेस्ट क्रिकेट को पहले ही अलविदा कह चुके हैं। उन्होंने एक वीडियो शेयर किया, जिसमें बैकग्राउंड में मुकेश का गाया हुआ गाना, ‘मैं पल दो पल का शायर हूं…’ बज रहा है। धोनी ने इस गाने के साथ ही इंटरनैशनल क्रिकेट को अलविदा कह दिया है। उन्होंने अपना आखिरी इंटरनैशनल मैच पिछले साल जुलाई में खेला था। 2019 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल मैच में भारत को न्यूजीलैंड के खिलाफ हार झेलनी पड़ी थी, और वो ही धोनी का आखिरी इंटरनैशनल मैच था।

वहीं ऑलराउंडर खिलाड़ी शुरेश रैना ने भी आज ही अपने सन्यास की घोषणा कर दी। दोनों खिलाड़ियों के सन्यास से उनके समर्थकों में दुःख व्यपात हो गया है।

धोनी भारतीय टीम के सबसे सफल कप्तानों में एक रहे हैं। वो दुनिया के इकलौते ऐसे कप्तान हैं, जिन्होंने अपनी कप्तानी में टीम को तीन आईसीसी ट्रॉफी दिलाई हैं। धोनी की कप्तानी में भारत ने 2007 टी20 वर्ल्ड कप, 2011 वर्ल्ड कप और 2013 चैंपियंस ट्रॉफी खिताब जीता है। धोनी हालांकि इंडियन प्रीमियर लीग खेलेंगे। धोनी चेन्नई सुपर किंग्स के कप्तान हैं और आईपीएल के 13वें सीजन के लिए ट्रेनिंग कैंप में हिस्सा लेने के लिए चेन्नई पहुंच चुके हैं।

धोनी ने अपने इंस्टाग्राम पर लिखा, ‘अब तक आपके प्यार और सहयोग के लिए धन्यवाद। शाम 07:29 मिनट से मुझे रिटायर्ड समझिए।’ इससे एक दिन पहले ही वह यूएई में होने वाली इंडियन प्रीमियर लीग के लिये चेन्नई सुपर किंग्स टीम से जुड़ने चेन्नई पहुंचे थे। भारत के लिये उन्होंने 350 वनडे, 90 टेस्ट और 98 टी20 इंटरनैशनल मैच खेले। करियर के आखिरी चरण में वो खराब फॉर्म से जूझते रहे जिससे उनके भविष्य को लेकर अटकलें लगाई जाती रहीं। उन्होंने वनडे क्रिकेट में पांचवें से सातवें नंबर के बीच में बल्लेबाजी के बावजूद 50 से अधिक की औसत से 10773 रन बनाए। टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने 38.09 की औसत से 4876 रन बनाये और भारत को 27 से ज्यादा जीत दिलाईं। आंकड़ों से हालांकि धोनी के करियर ग्राफ को नहीं आंका जा सकता। धोनी की कप्तानी, मैच के हालात को भांपने की क्षमता और विकेट के पीछे जबर्दस्त चुस्ती ने पूरी दुनिया के क्रिकेटप्रेमियों को दीवाना बना दिया था। वो कभी जोखिम लेने से पीछे नहीं हटे। इसलिए 2007 टी20 विश्व कप का आखिरी ओवर जोगिंदर शर्मा जैसे नये गेंदबाज को दिया जो 2011 वनडे विश्व कप के फाइनल में फार्म में चल रहे युवराज सिंह से पहले बल्लेबाजी के लिए आए। दोनों बार भारत ने खिताब जीता।

मुकेश कुमार

एडिटर: मुकेश कुमार

Hindustan18-हिंदी में सम्पादक हैं। किसान मजदूर सेना (किमसे) में राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी के पद पर तैनात हैं।

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