गोंडा- BJP सरकार में अपहरण कुटीर उद्योग.. हत्या आम बात हो गई है, ओम प्रकाश राजभर का हमला

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गोण्डा– BJP सरकार में अपहरण कुटीर उद्योग.. हत्या आम बात हो गई है, ओम प्रकाश राजभर का हमला
गोंडा: यूपी के गोंडा जिले में आज सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर पहुचे। जिले में गौरा विभानसभा क्षेत्र के केशव नगर ग्रंट में आयोजित कार्यकर्ता समीक्षा बैठक के बाद ओम प्रकाश राजभर मीडिया से बात करते हुए सूबे के सरकार पर जमकर बरसे और कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए और कहा कि पिछली सरकार में 500 रुपये में काम हो जाता था इस सरकार में दस हजार देने पर भी काम नहीं हो रहा है।

ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि, “इस सरकार में अपहरण कुटीर उद्योग हो गया है.. हत्या आम बात हो गई है। जो नारा देकर भाजपा सरकार आई थी ना गुंडाराज ना भ्रष्टाचार ना हट गया है और गुंडाराज भ्रष्टाचार युग सरकार हो गई है।कोई विभाग ऐसा नहीं है जहां पर भ्रष्टाचार ना हो ऐसा कोई थाना नहीं है जहां पर पीड़ित की सुनी जा रही हो। अब पीड़ित व्यक्ति थाने पर एफआईआर करा लिया तो वह गोल्ड जीत लिया समझो।”

पुलिस 20-20 हजार, 50-50 हजार रुपया मांगा जा रहा है तो एफआईआर दर्ज होगी.. खुली बोली है। एसपी महोबा ने एक पंडित जी से कहा कि 6 लाख दो नहीं तो गोली मार दूंगा उल्टा दिया.. अभी बरेली में भी दरोगा अपने स्टाफ को ट्रेनिंग दे रहा था कि बड़े आदमी के बेटे को पकड़ो जो 10 लाख व 5 लाख दे देगा.. पानी हमेशा ऊपर से नीचे की तरफ आता है यह भ्रष्टाचार ऊपर से है और 2022 में अगर हमारी सरकार बन जाती है तो जिस प्रकार मायावती और कल्याण सिंह के समय अपराधी देश को छोड़कर चले गए थे उसी तरीके से प्रदेश से अपराधी छोड़कर चले जाएंगे।

वही ओमप्रकाश राजभर किसानों के पुआली जलाने पर सरकार द्वारा की जाने वाली कार्रवाई पर बोलते हुए कहा कि जब किसान की फसल जलती है तो उसकी खबर दिल्ली नहीं पहुंचती। किसान की फसल जलती है तो उसकी खबर दिल्ली नहीं पहुंचती क्योंकि मुआवजा देना पड़ेगा अगर किसान खेत में पुआल चला रहा है तो वह खबर तुरंत दिल्ली पहुंच जा रही है।

सरकार ने 262 किसानों पर FIR किया है 16 किसानों को जेल भेज दिया है यह 100% किसानों के साथ अन्याय है। जिस तरह सरकार करुणा का प्रचार कर रही थी उसी तरह इस बात को किसानों को बता देती कि पुआल जलाने का यह नुकसान होता है। आप इसको ना जलाए सरकार को व्यवस्था करनी चाहिए थी।

सरकार की नियत किसानों के हित में नहीं है सरकार किसानों के हित में कानून बनाती ये तो किसानों के दुश्मन हैं। एक आदमी का नाम बता दीजिए जो सरकार में है जिसमें खेती की हो देश के प्रधानमंत्री कभी हल-चल आए हैं…योगी जी कभी हल चल आए हैं। किस समय किस मौसम में कौन सी फसल बोई जाती है इन लोगों को पता नहीं है। शायद उनको अधिकारी ना बताए तो शायद इन नेताओं को पता भी ना होगा। हमने सरकार को टूट कर दिया है और बयान दिया कि 1 हफ्ते बाद अगर यह सरकार किसानों का मुकदमा वापस नहीं लेती है तो मैं लखनऊ में किसानों के साथ धरने पर बैठ लूंगा और मुकदमा वापस कराने के लिए।

मुकेश कुमार

एडिटर: मुकेश कुमार

Hindustan18-हिंदी में सम्पादक हैं। किसान मजदूर सेना (किमसे) में राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी के पद पर तैनात हैं।

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