जानें किस तरह किसानों को 72 घंटे के भीतर मिलेगा अपनी फसल का भुगतान?

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गोंडा- किसानों को उनकी फसल का बेहतर मूल्य समय से भुगतान सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन की ओर से प्रयास शुरू कर दिये गये हैं। गुरुवार को इस बारे में डीएम ने अफसरों के साथ बैठक की। बताया जा रहा है कि अब किसानों को उनकी फसल का भुगतान 72 घंटे दे दिया जायेगा। खरीफ की फसलों के लिए डीएम ने क्रय केंद्रों का निर्धारण कर दिया है। जिले भर में कुल 73 क्रय केंद्र निर्धारित किये गये हैं।

डीएम ने खाद्य विभाग के 16, भारतीय खाद्य निगम के 01 क्रय केंद्र, पीसीएफ के 12, पीसीयू के 25, यूपीएसएस के 19 क्रय केन्द्रों सहित कुल 73 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। उन्होंने बताया कि शासन के निर्देश के मुताबिक आगामी 01 नवंबर से धान खरीद चालू हो जाएगी। सभी केंद्र प्रभारियों को अपने संस्था के अनुमोदित क्रय केंद्रों को स्थापित कर व्यवस्थाएं समय से दुरुस्त रखने के निर्देश दिए हैं। डिप्टी आरएमओ लाल बहादुर गुप्ता ने बताया है कि भारत सरकार की ओर से समर्थन मूल्य योजना के तहत कामन धान का मूल्य 1868 रुपये प्रति क्विंटल तथा ग्रेड-ए धान का मूल्य 1888 रुपये प्रति क्विंटल देय होगा।
दो दिन केवल सीमांत और लघु सीमांत किसानों के लिए
डिप्टी आरएमओ ने बताया कि शासन की ओर से किसानों का धान खरीदने के लिए कुछ नई व्यवस्थाएं लागू की गई हैं। जिसके अनुसार मंगलवार व शुक्रवार का दिन केवल सीमांत व लघु सीमांत कृषकों के लिए आरक्षित रहेगा। इसके अतिरिक्त रविवार तथा समस्त राजपत्रित अवकाशों के दिन क्रय केंद्र बंद रहेेंगे।
क्रय केंद्र पर छंटाई, सफाई व उतराई के लिए प्रति क्विंटल 20 रुपये की दर से किसानों को देना होगा। धान क्रय के 72 घंटे के अंदर किसानों के मूल्य का भुगतान पीएफएमएस के माध्यम से सीधे उनके खातों में किया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि क्रय केंद्रों पर केवल पंजीकृत किसानों का ही धान खरीदा जाएगा, इसलिए धान विक्रय वाले किसान अपना पंजीकरण विभागीय वेबसाइट पर करा लें।

मुकेश कुमार

एडिटर: मुकेश कुमार

Hindustan18-हिंदी में सम्पादक हैं। किसान मजदूर सेना (किमसे) में राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी के पद पर तैनात हैं।

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