जेल से रिहा हुए अर्नब गोस्वामी की बढ़ सकती हैं मुश्किलें, पुलिसकर्मियों की पिटाई के मामले में फिर से हो सकते हैं गिरफ्तार

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जेल से रिहा होने बाद भी अर्नब की मुश्किलें पूरी तरह कम नहीं हुईं हैं क्योंकि कथित रूप से पुलिसकर्मीयों को पिटने के मामले में उन पर पहले ही केस दर्ज है जिसमें उनकी गिरफ्तारी हो सकती है, जिससे बचने के लिए उनकी पत्नी ने अग्रिम जमानत की अर्जी दी है।

नई दिल्ली – सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद रिपब्लिक टीवी के संपादक अर्नब गोस्वामी को बुधवार शाम को तलोजा जेल से रिहा किया गया। जेल से रिहा होने बाद भी अर्नब की मुश्किलें पूरी तरह कम नहीं हुईं हैं क्योंकि कथित रूप से पुलिसकर्मीयों को पीटने के मामले में उन पर पहले ही केस दर्ज है जिसमें उन्हें उनकी गिरफ्तारी हो सकती है। दरअसल रिपब्लिक टीवी के प्रधान संपादक अर्नब गोस्वामी और उनकी पत्नी सम्याब्रता रे गोस्वामी ने एक महिला पुलिस कर्मी के साथ कथित रूप से धक्का-मुक्की करने के सिलसिले में मुंबई पुलिस द्वारा उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी पर बुधवार को सत्र अदालत में अग्रिम जमानत की अर्जी दी है।

आज दिन में उच्चतम न्यायालय ने, 2018 में इंटीरियर डिजाइनर अन्वय नाइक और उनकी मां को कथित रूप से आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में, गोस्वामी को अंतरिम जमानत दे दी है। इस मामले में चार नवंबर को गिरफ्तारी के बाद से नवी मुंबई की तलोजा जेल में बंद गोस्वामी आज देर शाम कारागार से रिहा हो गए हैं। चार नवंबर को पुलिस की टीम जब गोस्वामी को गिरफ्तार करने उनके आवास पर पहुंची थी तो उस दौरान उन्होंने एक महिला पुलिसकर्मी की कथित रूप से पिटाई कर दी थी। इस सिलसिले में मध्य मुंबई के एन. एम. जोशी मार्ग थाने में पिछले सप्ताह उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

पत्नी ने पहले किया था मौखिक विरोध
अदालत के सूत्रों ने बताया कि गोस्वामी और उनकी पत्नी की अग्रिम जमानत संबंधी याचिका पर बृहस्पतिवार को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पी. बी. जाधव सुनवाई करेंगे। गोस्वामी दंपती के वकील श्याम कल्याणकर ने बताया कि गोस्वामी और उनकी पत्नी ने पिछले बुधवार को लोवर परेल स्थित उनके आवास से पत्रकार की ‘गैरकानूनी गिरफ्तारी’ का सिर्फ मौखिक विरोध किया था। उन्होंने कहा, ‘ना गोस्वामी और ना ही उनकी पत्नी ने किसी पुलिस अधिकारी के साथ धक्का-मुक्की की। हम चार नवंबर को पुलिस के उनके आवास पर पहुंचने के बाद रिकॉर्ड किए गए कई वीडियो पर भरोसा कर रहे हैं।’

इन धाराओं में दर्ज है मामला
वकील का दावा है कि इस कथित घटना के वक्त करीब 40 सशस्त्र पुलिसकर्मी मौजूद थे। उन्होंने सवाल किया ‘ऐसी बड़ी संख्या में उपस्थिति के बीच कौन सरकारी कर्मचारी के काम में बाधा डाल सकता है ?’ कल्याणकर ने कहा, ‘हम सिर्फ गैरकानूनी गिरफ्तारी का विरोध कर रहे थे।’ गोस्वामी और उनकी पत्नी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धाराओं 353 (सरकारी कर्मचारी के काम में बाधा डालना), 504 (शांति भंग करने के लिए जानबूझकर किसी का अपमान करना) और 506 (आपराधिक रूप से डराना/धमकी देना) और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से जुड़े कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस मामले में शिकायतकर्ता 49 वर्षीय पुलिस अधिकारी सुजाता तनवाडे हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि चार नवंबर को गोस्वामी, उनकी पत्नी और बेटे ने उनके साथ धक्का-मुक्की की है।

मुकेश कुमार

एडिटर: मुकेश कुमार

Hindustan18-हिंदी में सम्पादक हैं। किसान मजदूर सेना (किमसे) में राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी के पद पर तैनात हैं।

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