दुष्कर्म के आरोपी को 10 साल का कठोर कारावास और 55 हजार रुपये अर्थदंड की सजा

गोंडा। मोतीगंज थाना क्षेत्र में पांच साल पूर्व युवती से दुष्कर्म व जान से मारने की धमकी के मामले मेें अपर सत्र न्यायाधीश/एफटीसी प्रथम डॉ. दीनानाथ तृतीय ने आरोपी को 10 साल का कठोर कारावास और 55 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।

सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी अभिनव चतुर्वेदी ने बताया कि मोतीगंज थाना क्षेत्र की एक महिला ने सात जुलाई 2017 को थाने में प्रार्थना पत्र देकर कहा कि 14 मार्च 2017 को वह अकेली झिलाही बाजार के लिए निकली तो गांव के बाहर मुनेश्वर वर्मा, स्वामीनाथ, राजेश, जगदम्बा व गिरधारी खड़े थे। मुनेश्वर और राजेश के पास बाइक थी। मुनेश्वर ने उसे बाइक पर बैठा लिया और जबरन झिलाही बाजार के बजाय आईटीआई की ओर लेकर चले गए। मुनेश्वर ने उसे अपने मामा के घर ले जाकर कमरे में बंद कर दुष्कर्म किया। शादी का दबाव बनाते हुए उसे अपने रिश्तेदारी में रखा। 28 मई 2017 को उसे लेकर लुधियाना चला गया। जहां दुष्कर्म के साथ उसे बेचने की बात की। किसी प्रकार वह लुधियाना से भाग निकली।

पीड़िता की तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज कर पुलिस ने विवेचना की और महिला जबरन कब्जे में रखने, जान से मारने की धमकी देने व दुष्कर्म के अपराध का साक्ष्य मिलने पर आरोपी मुनेश्वर वर्मा निवासी तुर्काडीहा के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। इस दौरान न्यायालय ने अपराध साबित होने पर अभियुक्त मुनेश्वर वर्मा को दोषसिद्ध किया। शुक्रवार को निर्णय सुनाते हुए अपर सत्र न्यायाधीश/एफटीसी प्रथम डॉ. दीनानाथ तृतीय नेे अभियुक्त मुनेश्वर वर्मा को युवती से दुष्कर्म व जान से मारने की धमकी देने के अपराध में 10 साल का कठोर कारावास और 55 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया। अदालत के आदेशानुसार जुर्माने की कुल धनराशि में से 75 फीसदी रकम पीड़िता को प्रतिकर के रूप में अदा की जाएगी।

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Author: Hindi Desk