नहीं रहे गुजरात प्रदेश के कानूनी सलाहकार किमसे में शोक की लहर

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अहमदाबाद- शोषित, वंचित, गरीबों, दबे कुचले लोगों, किसानों व मजदूरों की लड़ाई लड़ने के लिए वकालत की पढ़ाई करने वाले सुनील पांडे अब इस दुनिया में नहीं रहे। वह कई दिनों से बीमार चल रहे थे व अहमदाबाद के एम्स अस्पताल में भर्ती थे। सुनील पांडे किसान मजदूर सेना गुजरात प्रदेश के कानूनी सलाहकार थे तथा उन्होंने किसानों, मजदूरों, प्राइवेट कर्मचारियों व आम जनता के हक की लड़ाई लड़ने वाले इस राष्ट्रीय स्तर के संगठन को आगे बढ़ाने के लिए अथक प्रयास किए थे। उनके जाने से संगठन के कार्यकर्ताओं में शोक की लहर व्याप्त हो गई है। संगठन के मुखिया ने ट्वीट करके भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है तथा दुख की इस घड़ी में संगठन के लोगों को उनके परिवार के प्रति संवेदनशील व उत्तरदाई रहने के लिए कहा है। संगठन के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपीभैया ने कहा कि ‘स्वर्गलोकवासी पांडे जी मेरे मार्गदर्शक व कंधे से कंधा मिलाकर चलने वाले योद्धाओं में से थे। वह हमारे साथी थे उनके जाने से हम सबको अपूर्णीय क्षति हुई है।

संगठन ने उनकी आत्म शांतिः व परिवार को दुःख सहन करने की शक्ति देने के लिए ईश्वर से प्रार्थना की है।
गौरतलब है कि स्वर्गलोकवासी सुनील पांडेय गरीबों के लिए, मजदूरों के लिए, प्राइवेट कर्मचारियों के लिए उनकी हक कानूनी लड़ाई बिना किसी फीस के लड़े।

किमसे के राष्ट्रीय प्रचारक विजय कुमार ने कहा कि सुनील पांडेय जी ने संगठन को आगे बढ़ाने के लिए अपना निशुल्क योगदान देने वाले किसान मजदूर सेना के कट्टर सिपाही रहे हैं। स्वर्गीय पांडे जी ने संगठन को बहुत कुछ सिखाया, बहुत कुछ दिया जिसे किमसे सदैव याद रखेगा। उनके योगदान को कभी भी नहीं भूला जा सकता है। हम लोग पांडे जी का जीवन तो वापस नहीं ला सकते किंतु उनके परिवारी जनों को कभी भी किसी भी प्रकार की अन्य तकलीफ नहीं होने दी जाएगी। पूरा संगठन दुख की इस घड़ी में परिवार के साथ खड़ा है।

मुकेश कुमार

एडिटर: मुकेश कुमार

Hindustan18-हिंदी में सम्पादक हैं। किसान मजदूर सेना (किमसे) में राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी के पद पर तैनात हैं।

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