यूपी पंचायत चुनाव: मई – जून से पहले नहीं होंगे चुनाव , देखें पूरा चुनावी कार्यक्रम

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लखनऊ– कोरोना महामारी के चलते यूपी में पंचायत चुनाव अगले साल ही होंगे यह तो तय हो चुका है क्योंकि यूपी में ग्राम प्रधान समेत सभी पंचायत प्रतिनिधियों का कार्यकाल 25 दिसंबर को समाप्त हो रहा है और निर्वाचन आयोग अब वोटर लिस्ट के पुनरीक्षण का कार्यक्रम चला रहा है। सूत्रों के मुताबिक अब ऐसे में साफ हो गया है कि पहले बोर्ड की परीक्षाओं को सम्पन्न कराया जाएगा उसके बाद चुनाव होंगे। ऐसे में पंचायतों के चुनाव अगले साल मई-जून तक ही होने की उम्मीद है। 2015 में 9 अक्टूबर से 9 दिसंबर के बीच चुनाव की प्रक्रिया पूरी हुई थी और 9 नवंबर को अधिसूचना जारी की गई थी। आयोग ने जो कार्यक्रम जारी किया है उसके हिसाब से 29 दिसंबर तक फाइनल वोटर लिस्ट तैयार होगी। वहीं, पंचायतों का परिसीमन, वार्ड के आरक्षण जैसे काम भी शासन स्तर पर होने हैं। इस प्रक्रिया में भी समय लगेगा।

यूपी में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव कराने में भी करीब 2 महीने का समय लगेगा। ऐसे में फरवरी तक भी इसकी प्रक्रिया शुरू करने में दिक्कतें हैं क्योंकि उस समय परीक्षाएं चलती हैं। ऐसे में मई-जून तक ही चुनाव होने की संभावना है। तब तक पंचायतों में प्रशासक बैठाए जाएंगे। प्रदेश में इस समय 58758 ग्राम पंचायतें, 821 क्षेत्र पंचायतें और 75 जिला पंचायतें हैं।

वोटर लिस्ट का पुनरीक्षण 1 अक्टूबर से शुरू
प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों के लिए वोटर लिस्ट का पुनरीक्षण 1 अक्टूबर से शुरू होगा। राज्य निर्वाचन आयुक्त मनोज कुमार ने मंगलवार को इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। आयोग ने पहली बार ऑनलाइन वोटर बनने का भी विकल्प दिया है। इसके लिए आयोग की वेबसाइट http://sec.up.nic.in/ पर 1 अक्टूबर से 5 नवंबर तक ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवाया जा सकेगा। इसे जिलों में बीएलओ के जरिए सत्यापित करवाया जाएगा। सूचनाएं सही पाए जाने पर वोटर लिस्ट में नाम जोड़ दिया जाएगा।


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क्रमशः…

बीएलओ की ड्यूटी लगाए जाने की कार्रवाई शुरू
जिन ग्राम पंचायतों का किसी अन्य ग्राम पंचायतों या नगरीय निकाय में विलय हुआ है उसके वोटर लिस्ट से हटाए जाने व बीएलओ की ड्यूटी लगाए जाने की कार्रवाई मंगलवार से शुरू कर दी गई है। यह 30 सितंबर तक चलेगी। अपर निर्वाचन आयुक्त वेद प्रकाश वर्मा ने बताया कि मतदाताओं से बीएलओ स्वैच्छिक आधार पर उनका आधार नंबर व मोबाइल नंबर उपलब्ध कराने का अनुरोध करेंगे। इससे आवश्यक सूचनाएं जैसे मतदान की तारीख, नामांकन, परिणाम की जानकारी आदि एसएमएस के जरिए घर बैठे मिल सकेंगी। मतदाता खुद भी आयोग की वेबसाइट पर ‘लिंक वोटर सर्विस’ पर जाकर अपना मोबाइल नंबर रजिस्टर कर सकते हैं। 1 अक्टूबर से आयोग की वेबसाइट पर बीएलओ, सुपरवाइजर व सेक्टर ऑफिसर के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।

कंटेनमेंट जोन में बाद में सर्वे
पंचायतों के लिए लगभग 80 हजार मतदान स्थलों के 2 लाख मतदान केंद्रों पर 1 लाख बीएलओ की ड्यूटी लगाई जाएगी। आयोग ने पहली बार बीएलओ के लिए ई-बीएलओ ऐप विकसित किया है जिसके जरिए वह सभी सूचनाएं फीड कर सकेंगे। आयोग ने कहा है कि वोटर लिस्ट के पुनरीक्षण कार्य में लगे सभी अधिकारियों, कर्मचारियों को आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड करना होगा। क्षेत्र में फेस मास्क का अनिवार्य रूप से उपयोग करना होगा और घरों पर सोशल डिस्टेंसिंग का उपयोग करते हुए ही सर्वे किया जाएगा। कंटेनमेंट जोन में सत्यापन का काम नहीं किया जाएगा। जब कंटेनमेंट जोन खत्म हो जाएगा तभी उस क्षेत्र में बीएलओ जाएंगे।

यह है पूरा कार्यक्रम
बीएलओ को आवंटन : 30 सितंबर तक
घर-घर सर्वेक्षण : 1 अक्टूबर से 12 नवंबर
ऑनलाइन आवेदन : 1 अक्टूबर से 5 नवंबर
ऑनलाइन आवेदनों की जांच : 6 नवंबर से 12 नवंबर
वोटर लिस्ट का कंप्यूटराइज्ड ड्राफ्ट : 13 नवंबर से 5 दिसंबर
ड्राफ्ट वोटर लिस्ट का प्रकाशन : 6 दिसंबर
ड्राफ्ट लिस्ट का निरीक्षण : 6 दिसंबर से 12 दिसंबर
दावे व आपत्तियों का निपटारा : 13 दिसंबर से 19 दिसंबर
वोटर लिस्ट का अंतिम प्रकाशन : 29 दिसंबर
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मुकेश कुमार

एडिटर: मुकेश कुमार

Hindustan18-हिंदी में सम्पादक हैं। किसान मजदूर सेना (किमसे) में राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी के पद पर तैनात हैं।

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