राशनकार्ड धारकों का सत्यापन लटका अधर में, अधिकारियों के आदेश का नही हो रहा अनुपालन

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गोंडा : उत्तर प्रदेश

जब अफसर लापरवाह हो, और अपने से सीनियर अधिकारी के आदेश को ठेंगा दिखाये,तो स्पष्ट रूप से यह समझ लेना चाहिए की, अब स्थिति नियंत्रण में नही है।

ठीक ऐसे ही एक नजीर पेश की जा रही है, जो पूरे जनपद भर में लागू होना चाहिए था, किन्तु उदासीनता के चलते आदेश के साक्षेप राशन कार्ड धारकों का सत्यापन ठंडे बस्ते में पड़ा है।

आदेश दिनांक 25 जून 2020 को जिलाधिकारी कार्यालय से आयुक्त खाद्य एवं रासद विभाग उ.प्र. जवाहर भवन लखनऊ, मुख्य विकास अधिकारी गोंडा नगर मजिस्ट्रेट गोंडा खाद्य आयुक्त देवी पाटन मण्डल गोंडा समस्त उप जिलाधिकारी गोंडा
समस्त खण्ड विकास अधिकारी गोंडा समस्त अधिशाषी अधिकारी नगर पालिका/ नगर पंचायत गोंडा !

जिले भर में प्रचलित अंतोदय अन्न योजना के राशन कार्डों का परीक्षण करने पर यह पाया गया की भारी संख्या में एक यूनिट दो यूनिट तीन यूनिट तथा चार यूनिट के राशन कार्ड प्रचलित हैं। अंतोदय की अपेक्षा पात्र गृहस्थी कार्ड धारकों को 35 किलो ग्राम खाद्यान 7 यूनिट पर देय है ! साथ ही अपात्र व्यक्तियों द्वारा भी अंतोदय कार्ड का लाभ लिया जा सकता है ! कतिपय जनपदों में अंत्योदय राशन कार्ड धारकों की मृत्यु के उपरान्त उनके स्थान पर नवीन पात्र व्यक्ति को राशन कार्ड भी निर्गत नही किया जा सका है ! अंत्योदय कार्ड के सम्बन्ध में निम्न प्रकार से दुरूपयोग किया जाना संभावित है।
1- अंत्योदय कार्ड का लाभ अपात्र लोगों द्वारा लिया जा रहा हो !
2- एक मात्र सदस्य के नाम अंत्योदय कार्ड जारी हो और शेष व्यक्तियों द्वारा पात्र गृहस्थी राशन कार्ड का लाभ लिया जा रहा हो !
3- अंत्योदय कार्डधारक की मृत्यु के उपरान्त भी उसके नाम राशन वितरण किया जा रहा हो।

अंत्योदय अन्न योजना के संचालन /क्रियान्वन के सम्बन्ध में शासनादेश संख्या 2/29 खा -6-2001अ.सा / 2001 दिनांक 31.01.2001 के परिशिष्ट एक में लाभार्थियों के चयन हेतु निम्नलिखित मापदण्ड निर्धारित किया गया है!

अपनी जमीन ना हो, पक्का मकान ना हो, भैंस, बैल, टैक्टर ट्राली ना हो, कोई निश्चित ब्यवसाय ना हो, मुर्गी पालन, गौ पालन, आदि ना हो, शासन द्वारा कोई वित्त सहायता का ब्यवसाय ना हो और वित्त सहायता प्राप्त ना हो, विधुत कनेक्शन ना हो,

उक्त के अतिरिक्त शासनादेश संख्या -2493 दिनांक 19.08.2004 द्वारा निम्नलिखित अतिरिक्त मानक के अनुसार अंत्योदय परिवारों का चिन्हांकन किये जाने के निर्देश दिए गए हैं।
ऐसा परिवार जिसकी मुखिया बिधवा हो या लगातार बिमारी से ग्रस्त व्यक्ति या विकलांग व्यक्ति या 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के व्यक्ति जिसकी जीविकोपार्जन का कोई निश्चित साधन अथवा सामाजिक सहारा ना हो/ऐसे अन्य कई बाध्यताएं पात्रता की श्रेणी में रखी गयी हैं ! जिनका सत्यापन कराये जाने का आदेश जारी किया गया था ! किन्तु आज कई महीनो बाद भी सत्यापन की कार्यवाही होती दिखाई नही दे रही है ! नतीजन सरकार की तरफ से गरीबों को मिलने वाला राशन अपात्र लोग डकार रहे हैं।

प्रदीप शुक्ला

एडिटर: प्रदीप शुक्ला

प्रदीप शुक्ला एक स्वतंत्र पत्रकार हैं। ये अपनी निर्भीक पत्रिकारिता के लिए जाने जाते हैं। आप कई समाचार पत्रों में व मीडिया माध्यमों पर लिखते हैं।

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