संसद सत्र में कोरोना के साथ कामकाज की भी चुनौती, कई अध्यादेशों पर लगनी है मुहर

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नई दिल्ली – संसद के मानसून सत्र में कोरोना की चुनौती के साथ सरकार के पास काम-काज का भारी भरकम एजेंडा भी है। इनमें 11 अध्यादेश भी शामिल हैं जिनको विधेयक के रुप में संसद की मंजूरी दिलवाना हैं। इसके अलावा विपक्ष के कई मुद्दे भी हैं जिन पर वह बहस की मांग करेगा। इस बीच संसदीय कामकाज को डिजिटल किया जा रहा है ताकि एक दूसरे से संपर्क कम हो सके।

संसद भवन में राज्यसभा व लोक सभा सचिवालय के अधिकारी व कर्मचारी इस समय कोरोना प्रोटोकॉल के साथ संसद सत्र चलाने की रिहर्सल कर रहे हैं, जिसमें लोक सभा कक्ष, राज्य सभा कक्ष व केंद्रीय कक्ष तीनों में सांसदों को बिठाकर एक साथ कार्यवाही का संचालन किया जा सके। सोशल डिस्टेंसिंग के साथ सांसदों को बिठाने और अधिकारियों की जगह बनाने की मुकम्मल तैयारी की जा रही है। साथी ही हर सांसद के सामने एलसीडी स्क्रीन एवं माईक की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जा रही है।

पिछले सत्र का बचा काम भी पूरा होगा
इस बीच संसदीय कार्य मंत्रालय कामकाज को लेकर तैयारी में जुटा हुआ है। संसद का बजट सत्र कोरोना के चलते समय से पहले समाप्त करना पड़ा था और तब भी कुछ कामकाज छूट गया था। अब नए सत्र का कामकाज भी सरकार के पास है। इसमें वह 11 अध्यादेश भी शामिल हैं जो सत्र ना होने के चलते सरकार द्वारा लाए गए थे। इनमें महामारी रोग (संशोधन) और दिवालियापन संहिता (संशोधन) विधेयक शामिल हैं। सरकार विभिन्न मंत्रालयों से जुड़े एक दर्जन नए विधेयक भी लाने की भी तैयारी में है।

इन पर लगनी है संसद की मुहर
अन्य जिन प्रमुख अध्यादेशों पर संसद की मुहर लगनी है उनमें मंत्रियों के वेतन और भत्ते (संशोधन) अध्यादेश, अनिवार्य वस्तुएं (संशोधन) अध्यादेश, किसान उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सुविधा) अध्यादेश, मूल्य आश्वासन और कृषि सेवाओं पर किसान (सशक्तिकरण और संरक्षण) समझौता अध्यादेश, होम्योपैथी सेंट्रल काउंसिल (संशोधन) अध्यादेश, टैक्सेशन और अन्य कानून (विभिन्न प्रावधानों में राहत) अध्यादेश शामिल हैं।

डिजिटल सामग्री पर जोर
इस बीच संसद की कार्यवाही को ज्यादा से ज्यादा डिजिटल किया जा रहा है ताकि कम से कम संपर्क हो सके। सांसदों के बीच बटने वाले विभिन्न कागजात जिनमें सदन की कार्यवाही की सूची और अन्य सूचनाएं होती हैं उनको भी डिजिटल रूप से सांसदों तक पहुंचाया जाएगा। सदन में कागजों का कम से कम आदान-प्रदान होगा। कागजातों के डिजिटलीकरण का यह काम पहले ही शुरू कर दिया गया था जो अब और तेज किया जा रहा है।

मुकेश कुमार

एडिटर: मुकेश कुमार

Hindustan18-हिंदी में सम्पादक हैं। किसान मजदूर सेना (किमसे) में राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी के पद पर तैनात हैं।

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