सुशील मोदी नहीं बनेंगे बिहार के उप-मुख्यमंत्री, नीतीश कुमार होंगे मुख्यमंत्री, भाजपा की क्या है मजबूरी?

एनडीए में BJP के पास सबसे ज्यादा 74 विधायक हैं। जबकि जदयू के 43 विधायक हैं। वहीं सहयोगी दल हम और वीआईपी के पास 4-4 विधायक हैं।

पटना- बिहार में सत्तारूढ़ गठबंधन एनडीए-NDA की रविवार को बैठक हुई। इसमें नीतीश कुमार को सर्वसम्मति से बिहार एनडीए विधायक दल का नेता चुन लिया गया है। लेकिन इस बार सुशील कुमार मोदी बिहार के उप-मुख्यमंत्री नहीं होंगे। उनकी जगह डिप्टी सीएम किसे बनाया जाएगा, इसका अभी पता नहीं चला है लेकिन तारकिशोर प्रसाद को उपमुख्यमंत्री पद दिए जाने की खबर है। एनडीए विधायक दल का नेता चुने के बाद नीतीश कुमार नई सरकार बनाने का दावा पेश करने के लिए राजभवन पहुंचे। नीतीश का शपथ ग्रहण समारोह सोमवार को शाम 4.30 बजे होगा।

एनडीए में BJP के पास सबसे ज्यादा 74 विधायक हैं। जबकि जदयू के 43 विधायक हैं। वहीं सहयोगी दल हम और वीआईपी के पास 4-4 विधायक हैं। मंत्रिमंडल में भाजपा या जदयू के किसके ज्यादा मंत्री होंगे, इस पर स्पष्टता नहीं है। जल्द ही मंत्रिमंडल को लेकर स्थिति साफ हो सकती है। पटना में हुई एनडीए की महत्वपूर्ण बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, देवेंद्र फडणवीस और भूपेंद्र यादव भी शामिल हुए हैं।

बिहार में नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री बनाना भाजपा की मजबूरी क्यों हैं?

नीतीश कुमार से जब सुशील मोदी के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि एक से डेढ़ घंटे में स्थिति स्पष्ट हो जाएगी कि बीजेपी की तरफ से कौन उप-मुख्यमंत्री होगा।
वहीं, तारकिशोर प्रसाद को रविवार को भाजपा विधानमंडल दल का नेता सर्वसम्मति से चुन लिया गया। उनके चुने जाने सुशील मोदी ने उन्हें बधाई देते हुए ट्वीट किया।

Mukesh Kumar
Author: Mukesh Kumar