स्वामी अग्निवेश नहीं रहे, 80 वर्ष की आयु में ली अंतिम सांस, लिवर सिरोसिस बीमारी से थे ग्रस्त

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नई दिल्ली- लिवर सिरोसिस बीमारी के चलते स्वामी अग्निवेश का शुक्रवार को दिल्ली में निधन हो गया। उन्होंने आज शाम 6.30 बजे अंतिम सांस ली। स्वामी को मंगलवार को आईएलबीएस अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालत बिगड़ने के कारण वह वेंटिलेटर पर थे। आईएलबीएस अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि शाम 6 बजे उन्हें दिल का दौरा पड़ा, जिसके बाद उनकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई।

गुरुवार को अस्पताल प्रबंधन ने जानकारी दी थी कि मल्टी ऑर्गन फेल होने से उनकी हालत में गिरावट आई है, जिससे उनकी हालत अब काफी गंभीर बनी हुई है।

स्वामी अग्निवेश की हालत को देखते हुए अलग-अलग विभागों के डॉक्टरों की एक टीम उनकी निगरानी में लगातार जुटी हुई थी। वे काफी दिनों से बीमार चल रहे थे। उन्हें लिवर से जुड़ी परेशानी होने के कारण डॉक्टरों ने प्रत्यारोपण की सलाह भी दी थी। बता दें कि स्वामी अग्निवेश सामाजिक कार्यकर्ता के साथ समाज सुधारक और राजनेता भी थे।

1977 में विधायक बन हरियाणा के शिक्षा मंत्री रह चुके थे स्वामी अग्निवेश
21 सितंबर, 1939 को जन्मे स्वामी अग्निवेश सामाजिक मुद्दों और सुधार जैसे मुद्दों पर अपनी बेबाक टिप्पणियों के लिए जाने जाते थे। उन्होंने 1970 में आर्य सभा नाम की राजनीतिक पार्टी बनाई थी। 1977 में वह हरियाणा विधानसभा में विधायक चुने गए और हरियाणा सरकार में शिक्षा मंत्री भी रहे। 1981 में उन्होंने बंधुआ मुक्ति मोर्चा नाम के संगठन की स्थापना की।

टीवी शो बिग बॉस में भी लिया था हिस्सा
स्वामी अग्निवेश टीवी रियलिटी शो बिग बॉस में भी हिस्सा लिया था। वह 8 से 11 नवंबर 2011 के दौरान तीन दिन के लिए बिग बॉस के घर में रहे थे।

अन्ना हजारे के भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन में भी लिया था हिस्सा
स्वामी अग्निवेश ने 2011 में अन्ना हजारे की अगुवाई वाले भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन में भी हिस्सा लिया था। हालांकि, बाद में मतभेदों के चलते वह इस आंदोलन से दूर हो गए थे।

मुकेश कुमार

एडिटर: मुकेश कुमार

Hindustan18-हिंदी में सम्पादक हैं। किसान मजदूर सेना (किमसे) में राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी के पद पर तैनात हैं।

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