हाथरस कांड के आरोपियों ने जेल से लिखा पत्र, बोले- ‘हम निर्दोष, पीड़िता को उसके भाई और मां ने मारा’

हाथरस कांड  के आरोपियों ने हाथरस एसपी को जेल से पत्र लिखा है। आरोपियों  लवकुश, रवि, रामकुरमार उर्फ रामू और संदीप उर्फ चंदू ने दावा किया है कि उनके ऊपर लगाए गए सारे आरोप झूठे हैं। पीड़िता के भाई और मां  ने उसे मारा है।

  • हाथरस कांड में मुख्य आरोपी संदीप ने पीड़िता से दोस्ती का किया दावा
  • संदीप ने जेल से हाथरस एसपी को लिखा पत्र, बोला झूठे आरोपों में फंसाया गया
  • आरोपी का दावा पीड़िता से दोस्ती के कारण फोन पर होती थी बात
  • घटना के दिन पीड़िता से खेतों में मिला था लेकिन पीड़िता के कहने पर वापस आ गया था
  • दोनों के मिलने की बात पता चलने पर भाई और मां ने की थी पीड़िता की पिटाई

हाथरस – उत्तर प्रदेश के हाथरस कांड में रोज नए दावे सामने आ रहे हैं। इस केस में के आरोपियों ने हाथरस के एसपी को पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने कहा है कि पूरा मामला ऑनर किलिंग का है। मामले में चार आरोपियों ने जेल से भेजे गए पत्र में लिखा है कि मुख्य आरोपी संदीप के साथ पीड़िता की दोस्ती थी। पीड़िता के घरवालों को यह बात मंजूर हीं थी। पूरा परिवार इसे लेकर नाराज था। उन्होंने परिवारवालों पर ही पीड़िता को मारने का आरोप लगाया है।

हाथरस एसपी को जेल से लिखे गए पत्र में आरोपियों लवकुश, रवि, रामकुरमार उर्फ रामू और संदीप उर्फ चंदू ने अपने अंगूठे भी लगाए हैं। उन्होंने दावा किया है कि उनके ऊपर लगाए गए सारे आरोप झूठे हैं। उन्हें गलत ढंग से जेल में बंद किया गया है। उन्होंने कहा है कि घटना के बाद अलग-अलग दिन पर आरोपियों के नाम शामिल किए गए और उन लोगों को जेल भेजा गया।

‘लड़की से थी दोस्ती, फोन पर होती थी बात’
संदीप ने पत्र में दावा किया है, ‘पीड़िता मेरे गांव की लड़की थी, जिससे मेरी दोस्ती थी। हम लोगों की मुलाकात के साथ कभी-कभी फोन पर बात भी होती थी। हमारी दोस्ती उसके घरवालों को पसंद नहीं थी। घटना के दिन मेरी उससे खेतों पर मुलाकात हुई उसके साथ उसकी मां और भाई थे। उसके (पीड़िता) के कहने पर मैं तुरंत घर चला गया और वहां अपने पिता के साथ पशुओं को पानी पिलाने लगा।’

आरोपियों ने लिखी चिट्ठी

‘घटना के दिन मिला था लेकिन वापस आ गया था’
आरोपी का कहना है, ‘मुझे कुछ देर बाद गांववालों से पता चला कि मेरी, पीड़िता से दोस्ती थी इसलिए उसके भाई और मां ने उसे मारा-पीटा है। पिटाई के कारण उसे गंभीर चोटें आईं, बाद में वह मर गई। मैंने कभी भी पीड़िता तो मारा नहीं और न ही कोई गलत काम किया।’

आरोपियों ने कहा, हम बेकसूर
संदीप का कहना है कि इस मामले में पीड़िता के भाई और मां ने उन लोगों को झूठे आरोपों में फंसाकर जेल भिजवा दिया। उसका दावा है कि वे लोग निर्दोष हैं। उसने अनुरोध किया है कि इस मामले में जांच कराकर उन लोगों को न्याय दिलाया जाए।

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