साइकिल चलाने के अचूक फायदे

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साइकिल चलाने के फायदे

बिगड़ती लाइफस्टाइल मोटापे के साथ-साथ कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन रही है। ऐसे में इन समस्याओं से बचाव करने के लिए शरीर में कुछ तरह की एक्टीविटी जरूरी है। ताकि शरीर को स्वस्थ्य रखने में कुछ मदद मिल सके। ऐसे में साइकिलिंग एक बेहतरीन एक्टिविटी साबित हो सकती है। साइकिलिंग करके खुद के शरीर को एक्टिव और फिट बनाना आसान हो सकता है। वजह यह है कि इसे भी एक तरह की एक्सरसाइज ही माना जाता है, लेकिन साइकिल चलाने के फायदे क्या-क्या हो सकते हैं, इसकी जानकारी शायद ही हर किसी को होगी। यही वजह है कि हम स्टाइलक्रेज के इस लेख में साइकिल चलाने का सही समय और इससे जुड़ी कुछ अहम बातें बताएँगे साइकिल चलाना स्वास्थ के दृष्टिकोण से बहुत फायदेमंद होता हैं। साइकिल चलाने के स्वास्थ पर पड़ने वाले प्रभाव का अध्ययन करने वाले जितने भी शोध हुए हैं उन सभी में साइकिल चलाने के फायदे ही बताते हैं तो आईए जानते हैं साइकिल चलाने के फायदे के बारें में

1. शरीर को डिटाक्स करनें में मदद करता है

यदि आप सुबह-शाम मिलाकर प्रतिदिन 20 किलोमीटर साइकिल चलातें है। तो शरीर,त्वचा और फेफड़ों में मौजूद अनेक प्रदूषित तत्व बाहर निकल जातें हैं। और इन प्रदूषित तत्वों से होने वाली बीमारियों से बचाव हो जाता हैं। इसी प्रकार साइकिल चलाने से शरीर का तापमान एक से दो डिग्री सेल्सियस बढ़ जाता हैं साथ ही खून का तापमान भी बढ़ता है। खून का यह बढ़ा हुआ तापमान धमनियों में जमा कोलेस्ट्रॉल को पिघलाकर शरीर से बाहर निकाल देता हैं । जिससे ह्रदयरोग होने की संभावना नहीं होती है, और शरीर डेटॉक्स होता है।

2. रीढ़ की हड्डी से संबंधित बीमारियों में

जिन लोगों को आफिस में कम्प्यूटर पर लम्बे समय तक बैठना पड़ता है और इस कारण रीढ़ की हड्डियों से संबंधित समस्या होती हैं। जिन लोगों को स्पांडलाइटिस हैं, साईटिका हैं। यदि ये लोग साधारण M शेप हेंडल वाली साइकिल इंडोर या आउटडोर में प्रतिदिन एक घंटा चलाते हैं तो इस प्रकार की बीमारीयां बहुत जल्द ठीक हो सकते हैं। और यदि ये बीमारीयां नहीं है तो होने की संभावना बहुत कम रह जाती हैं ।

3. मासिक धर्म की अनियमितता में

ऐसी महिलाएं जिनका मासिक धर्म बहुत अनियमित रहता है और लम्बे उपचार के बाद भी ठीक नहीं हो रहा हैं। यदि वे प्रतिदिन 25 किलोमीटर स्पोर्ट्स साइकिल चलातीं हैं। तो मासिक धर्म की अनियमितता समाप्त होकर जननतंत्र मज़बूत बनता है । जिन महिलाओं को मासिक धर्म से पहले पेडू और पेट में दर्द की समस्या रहती हैं। वे यदि 10 किलोमीटर प्रतिदिन गियर वाली साइकिल लोड गियर के साथ चलाती हैं। तो उन्हें दर्द में बहुत आराम मिलता हैं। एक निश्चित समय तक लगातार साइकिल चलाने के बाद 10 में से 8 महिलाओं को माहवारी शुरू होने से पूर्व होने वाले दर्द में पूर्ण राहत मिली, जबकि दो महिलाओं में दर्द की तीव्रता पहले के मुकाबले आधी रह गई। इसलिए मासिक धर्म की समस्या में भी यह बहुत मददगार है।

4. मूत्राशय की गड़बड़ी में

जिन बुजुर्गों को बार बार पेशाब आता हो, पेशाब बूंद बूंद कर टपकता हो, प्रोस्टेट ग्रंथि बढ़ी हुई हो। ऐसे बुजुर्ग यदि स्पोर्ट्स साइकिल थोड़े मुश्किल रास्तों पर चलाने का प्रयास करें। यदि प्रतिदिन पांच किलोमीटर साइकिल भी ऐसे रास्ते पर बुजुर्ग विशेषज्ञ के साथ चलातें हैं तो आपरेशन से बचा जा सकता है।

5. स्तंभन शक्ति बढ़ाने में

जिन महिलाओं और पुरुषों को सेक्स में शर्म मात्र इस कारण आती हैं। कि वे अपने पार्टनर को खुश नहीं कर पातें हैं, या बहुत जल्दी स्खलित हो जाते है। ऐसे लोगों के लिए साइकिल चलाना किसी वरदान से कम नहीं है । किंगल एक्सरसाइज से दुगना फायदा साइकिल चलाने से मिलता हैं। जो लोग इस प्रकार की समस्या से ग्रस्त हैं वे प्रतिदिन 15 किलोमीटर स्पोर्ट्स साइकिल चलाएं ऐसा करने से लिंग और योनि की स्खलन के लिए उत्तरदायी मांसपेशियां मजबूत होती हैं और सेक्स के दौरान बहुत जल्दी स्खलित नहीं होती हैं।

6. मोटापा कम करने में सक्षम साइकिल

जो लोग प्रतिदिन सुबह शाम 30 से 40 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से डेढ़ घंटा साइकिल चलातें हैं। उनके शरीर की अतिरिक्त चर्बी बहुत तेजी से कम होती हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि शरीर की मेटाबॉलिज्म रेट बढ़ जाती है, और शरीर में जमा अतिरिक्त फेट तेजी से ऊर्जा में परिवर्तित होकर शरीर से बाहर निकल जाता है। साइकिल मोटापा काम करने में भी मदद करती है।

7. कमर की अतिरिक्त चर्बी कम करने में साइकिल

महिलाओं में शादी के बाद या बच्चों के जन्म के बाद कमर का आकार बहुत तेजी से बढ़ता है, और तमाम उपाय के बाद भी कमर का घेरा कम नहीं होता हैं। ऐसी महिलाएं प्रतिदिन 20 किलोमीटर साइकिल लोड गियर के साथ चलाएं तो कमर का आकार एक से दो महिने बाद 1 से 3 सेंटीमीटर तक कम हो जाता हैं । साइकिलिंग टांगों को मजबूती प्रदान करने और टांगों की खूबसूरत बनाने में मदद करती है।

8. साइकिल चलाने वाला मजबूत इरादों वाला होता हैं

क्या आप जानते हैं साइकिल चलाने वाला व्यक्ति मजबूत इरादों और जीवन में संघर्ष करने वाला होता है। यह सब बहुत मजबूत इरादों और संकल्प शक्ति के धनी होतें हैं। साइकिल चलाने वाले व्यक्तियों ने संघर्ष कर सफलता प्राप्त की होती हैं। बच्चों को पढ़ाना,घर परिवार की जिम्मेदारी ये लोग बहुत दम-खम के साथ निभातें हैं और दूसरों को भी इसी दम-खम के साथ संघर्ष की प्रेरणा देते हैं। जीवन के प्रति इनका दृष्टिकोण बहुत सकारात्मक होता हैं । इन लोगों में ऋण लेकर घी पीनें वाली प्रवृत्ति नहीं होती हैं। एक शोध के मुताबिक ऐसा इसलिए होता हैं क्योंकि साइकिलिंग करने वालों के दिमाग में उन लोगों के मुकाबले खून और आक्सीजन 40 प्रतिशत अधिक पंहुचता हैं जो साइकिलिंग नहीं करते हैं ।

9.  अस्थमा में साइकिल चलाने के फायदे

हररोज सुबह सुबह प्रतिदिन 13 किलोमीटर साइकिल चलाने से अस्थमा के दौरे की तीव्रता कम होकर अस्थमा नियंत्रण में आ जाता हैं और अस्थमा के लिए उपयोग होने वाले इन्हेलर पर निर्भरता घट जाती हैं ।एक शोध दो आयुवर्ग का समूह बनाकर किया गया इस आयु वर्ग में 25 – 25 के समूह में युवा और बुजुर्ग व्यक्ति सम्मिलित थें,एक आयुवर्ग में 19 से 45 वर्ष के अस्थमा पीड़ित रोगी थे। तो दूसरे वर्ग में 45 से 60 वर्ष के अस्थमा पीड़ित रोगी थें। इन दोनों समूह को प्रतिदिन 13 किलोमीटर साइकिल सुबह सुबह चलाने को कहा गया और जब एक माह बाद इनके आंकड़े जांचें गये तो आश्चर्यजनक परिणाम मिलें । 19 से 45 वर्ष वाले आयुवर्ग में सम्मिलित 15 लोगों ने कहा कि साइकिल चलाने के आठ से 15 दिनों के बाद उनकी सांस लेने की गहराई बढ़ गई है, और साइकिल चलाने से पहले उनको दिन में तीन चार बार इन्हेलर लेना पड़ता था किन्तु अब एक से दो बार ही हो गया है । जबकि 10 लोगों ने कहा कि पहले उन्हें साइकिल चलाने के दौरान ही अस्थमा के दौरे आते थे और इन्हेलर लेना पड़ता था। किन्तु अब साइकिल चलाने के दौरान और बाद में भी दिन में मात्र एक बार ही इन्हेलर की जरूरत पड़ती हैं । 45 वर्ष से 60 वर्ष वाले समूह के 20 व्यक्तियों ने कहा कि साइकिल चलाने से उनके फेफड़ों में बलगम बनना कम हो गया और अब उन्हें बलगम पतला करने वाली दवाईयों की जरूरत बहुत कम पड़ती हैं । 5 व्यक्तियों ने कहा कि साइकिल चलाने से उन्हें अस्थमा नियंत्रण करने वाली दवाईयों की बहुत ही कम ज़रुरत पड़ती हैं । तो जिहने भी अस्थमा की समस्या है उहने साइकिल रोज चलाना चाहिए।

10. पेट संबंधित बीमारियों में साइकिल

जिन लोगों को पेट से संबंधित तकलीफ़ बहुत होती है। भोजन नहीं पचता, एसीडिटी होती हैं, कब्ज बना रहता है, ऐसे लोग यदि सुबह शाम 5 किलोमीटर साइकिल चलातें हैं, तो ये समस्याएं दूर होती हैं।

11. वीकेंड पर साइकिल चलाने के फायदे

जो लोग वीकेंड पर साइकिल के साथ लम्बी लम्बी यात्राएं करतें हैं, साइकिल लेकर प्राकृतिक स्थलों पर जातें हैं, ऐसे लोगों में तनाव का स्तर उन लोगों की अपेक्षा बहुत कम पाया जाता हैं जो वीकेंड पर साइकलिंग नहीं करते । वीकेंड पर साइकलिंग करने वाले लोग जब काम पर लोटते हैं तो अपने आप को तरोताजा और हल्का महसूस करते हैं । ये लोग आफिस में खुशमिजाज, सहयोगी के साथ विनम्र और काम बिगड़ने पर भी सकारात्मक दृष्टिकोण रखने वाले होते हैं। वीकेंड पर साइकलिंग करने वालों के जीवन का वीकेंड भी लम्बा और निरोगी रहता है ।

12. साइकिल चलाने से Innovative idea आते हैं

जो लोग साइकिल चलाने से पहले एक घंटा मौन रहते हैं और साइकिल चलाने के दौरान भी यदि बिना बोले,बिना गाना सुने साइकलिंग करते हैं तो ऐसे व्यक्ति इतने unique आइडिया आते हैं, कि यदि व्यक्ति इन innovative ideas पर जी जान लगाकर काम शुरू कर दें तो इतिहास के पन्नों पर अपना नाम लिखवा सकता हैं । मैंने विश्व की सबसे प्रसिद्ध साइकिल प्रतियोगिता टूर डी फ्रांस Tour de France में भाग लेने वाले प्रतिभागियों के अनेक इंटरव्यू सुने हैं ये प्रतिभागी अलग अलग प्रष्ठभूमियों वाले थे जैसे किसी की प्रष्ठभूमि विज्ञान की है,किसी की इंजीनियरिंग की, किसी की आर्ट्स की आदि,इन लोगों को अपनी रुचि के अनुसार डूर डी फ्रांस प्रतियोगिता के बीच जो विचार आया वह विचार दुनिया का सबसे innovative idea होता हैं। इतना Innovative idea तो संयुक्त राष्ट्र संघ की बहस, किसी रिसर्च सेंटर,या शोधकर्ताओं के दिमाग में भी पैदा नहीं होता हैं ।

13. साइकिल चलाने से मांसपेशियां मजबूत होती हैं

साइकिल चलाने से पांव,पेट और हाथों की मांसपेशियां मजबूत और लचीली हो जाती हैं । जिससे चोंट लगने पर भी इन मांसपेशियों में खिंचाव नहीं होता हैं । मजबूत मांसपेशियों का मतलब होता हैं शरीर जल्दी बुढ़ापे की और नहीं जायेगा।

14. अनिद्रा की समस्या में साइकिल

जिन लोगों की रातें करवटें बदलते हुए गुजरती हैं। उनको मेरी सलाह है प्रतिदिन 10 किलोमीटर साइकिल चलाना शुरू कर दें। यदि प्रतिदिन 10 किलोमीटर साइकिल चलातें हैं तो नींद गहरी और पर्याप्त मात्रा में आती हैं । यूनिवर्सिटी ऑफ जार्जिया ने साइकिल के नींद पर पड़ने वाले प्रभाव का अध्ययन किया और बताया कि साइकिल चलाने से दिमाग का नींद लाने वाला भाग सक्रिय होकर उन एंजाइम का निर्माण करता हैं जो नींद लाने के लिए उत्तरदायी होते हैं ।

साइकिल चलाने का सही समय

वैसे तो जब भी उचित समय मिले साइकिल चलाई जा सकती है। एक अध्ययन के मुताबिक, सुबह के समय साइकिल चलाने के फायदे अधिक हो सकते हैं, क्योंकि शाम के मुकाबले सुबह के वक्त साइकिल चलाने से अधिक ऊर्जा की खपत होती है । इस आधार पर साइकलि चलाने के अधिक फायदे पाने के लिए सुबह का समय उपयुक्त माना जा सकता है।

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दीप माला गुप्ता

एडिटर: दीप माला गुप्ता

दीप माला गुप्ता रिपोर्टर, एंकर एवं वीडियो न्यूज़ एडिटर हैं। इन्होने जर्नलिजम में डिप्लोमा किया है। आप hindustan18.com के लिए रिपोर्टिंग एवं स्क्रिप्ट लिखने का कार्य करती हैं।

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