जन्मदिन विशेष निरुपा रॉय : 14 साल की उम्र में कर दी शादी, 300 फिल्मों में किया काम , कैसे फिल्मों में मां बनकर बनाई पहचान

जन्मदिन विशेष निरुपा रॉय : 14 साल की उम्र में कर दी शादी, 300 फिल्मों में किया काम , कैसे फिल्मों में मां बनकर बनाई पहचान

फिल्मों में ‘मां’ के रोल के लिए फेमस रहीं निरूपा रॉय का आज जन्मदिन है। आज के ही दिन 4 जनवरी 1931 को एक गुजराती परिवार में जन्मीं निरूपा रॉय ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत गुजराती फिल्मों से की। निरूपा रॉय हिंदी सिनेमा में मां के किरदार को अमर कर गईं। अगर आज वह हमारे बीच में होती तो 91 साल की हो गई होतीं। अपने पांच दशक लंबे करियर में उन्होंने लगभग 300 फिल्मों में एक्टिंग की। उनकी पर्सनल लाइफ भी काफी इमोशनल रही। आइये इनकी लाइफ के बारे मे दिलचस्प जानकारी

जीवन परिचय –

निरूपा रॉय का जन्म गुजरात के वलसाड़ में ट्रेडिशनल गुजराती चौहान फैमिली में हुआ। उनके पिता किशोर चंद्र बुलसारा रेलवे में कर्मचारी थे। फिल्मों में आने से पहले निरूपा का नाम कांता चौहान था। उनके मम्मी-पापा उन्हें प्यार से ‘छीबी’ कहकर बुलाते थे। कांता उर्फ निरूपा स्कूल में थीं जब उनके पिता ने उनकी शादी कमल रॉय से कर दी। उस वक्त उनकी उम्र महज 14 साल थी। शादी के बाद कांता का नाम बदलकर कोकिला रख दिया गया। 1945 में वो अपने पति के साथ मुंबई आ गईं। निरूपा रॉय के पति कमल राशन इंस्पेक्टर की नौकरी कर रहे थे। निरूपा के पति कमल रॉय एक्टर बनने की ख्वाहिश रखते थे और इसलिए ऑडिशन देते रहते थे। शादी के बाद कमल निरूपा को लेकर एक गुजराती फिल्म के लिए ऑडिशन देने गए। जहां वे तो रिजेक्ट हो गए । लेकिन निरूपा को देखते ही लीड रोल ऑफर कर दिया। पति के कहने पर निरूपा ने पहली गुजराती फिल्म ‘रनकदेवी’ की थी।इस फिल्म में उनके साथ त्रिलोक कपूर नजर आए थे। 50 के उस दशक में निरूपा रॉय को धार्मिक फिल्मों की रानी माना जाता था ।  एक्टर त्रिलोक कपूर के साथ उन्होंने दर्जनों धार्मिक फिल्में कीं। विष्णु कुमार व्यास ने ही कोकिला को निरूपा नाम दिया।

देवी मां के रूप में मिली पहचान-

मां से पहले दर्शकों ने निरूपा रॉय को देवी मां के रूप में पर्दे पर कई बार देखा । उन्होंने 1940 से 1950 के दशक में कई धार्मिक फिल्में कीं, यही वजह थी कि उस दौर में उन्हें एक देवी मां के रूप में सम्मान की नजर से देखा जाने लगा. उनकी इसी देवी मां की छवि ने उन्हें फिल्मों में अभिनेताओं की मां के किरदार दिलवाए और सिनेमा की मां के रूप में उनकी एक अलग ही छवि बनने लगी.। विष्णु कुमार व्यास ने ही कोकिला को निरूपा नाम दिया।

बन गईं अमिताभ बच्चन की ऑन स्क्रीन मां-

निरूपा रॉय ने जितनी बार अमिताभ बच्चन की मां का किरदार निभाया उतनी बार शायद ही उन्होंने किसी दूसरे अभिनेता की मां का किरदार इतनी बार निभाया हो. मेरे पास मां है जैसे संवाद में मां के लिए बहस करने वाले शशि कपूर और अमिताभ बच्चन की मां निरूपा रॉय ही थीं । 1953 में उनकी हिट फिल्म दो बीघा जमीन आई। इस फिल्म ने उन्हें हिन्दी सिनेमा की हिट हीरोइन के रूप में पहचान दी। 1975 में रिलीज हुई यश चोपड़ा की फिल्म ‘दीवार’ उनके करियर का टर्निंग प्वाइंट साबित हुई। दीवार के बाद तो उन्होंने खून पसीना, मुकद्दर का सिकंदर, अमर अकबर एंथोनी, सुहाग, इंकलाब, गिरफ्तार, मर्द और गंगा-जमुना-सरस्वती जैसी कई फिल्मों में अमिताभ बच्चन की मां का किरदार निभाया ,जवानी में जितना फेम निरूपा रॉय को नहीं मिल पाया, उससे कहीं ज्यादा उन्हें बाद में मां के रोल निभाकर मे मिला ।

READ ALSO-महाराजा रणजीत सिंह को एक महायोद्धा के रूप में जाना जाता है। लेकिन प्यार की खातिर खाने भी पड़े कोड़े। पढ़ें उनका इतिहास

किशन महाराज जीवनी – Biography of Kishan Maharaj in Hindi Jivani

ठुमरी गायकार गिरिजा देवी की जीवनी, गायकी का जूनून ऐसा की जला बैठी थी उंगलिया

 

अनुराग बघेल

एडिटर: अनुराग बघेल

मेरा नाम अनुराग बघेल है। मैं बिगत कई सालों से प्रिन्ट मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़ा हूँ। पत्रकारिकता मेरा पैशन रहा है। फिलहाल मैं हिन्दुस्तान 18 हिन्दी में रिपोर्टर ओर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हूं।

Next Post

आगरा: शहर की सड़कों पर आज से दौड़ेंगी इलेक्ट्रिक बसें, यह होगा किराया

Tue Jan 4 , 2022
आगरा: शहर की सड़कों पर आज से दौड़ेंगी इलेक्ट्रिक बसें, […]
error: Content is protected !!