गर्भावस्था महिलाओं के लिए कितना जरुरी है ये काम, जानिए…

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गर्भावस्था में महिलाओं के शरीर में बहुत सारे परिवर्तन होते रहते है। जिस वजह से गर्भावस्था में महिलाओं को बहुत सारी समस्या का सामना करना पड़ता है।गर्भावस्‍था में मांसपेशि‍यों को लचीला बनाने और दर्द से राहत पाने के लि‍ए, आप कुछ आसान स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज ट्राय कर सकती हैं।
गर्भावस्‍था में स्‍ट्रेच‍िंग करना मां और होने वाले बच्‍चे दोनों के ल‍िए फायदेमंद होता है। स्‍ट्रेच‍िंग करने से गर्भावस्‍था के दौरान आपकी मसल्‍स र‍िलैक्‍स होती हैं और गर्भस्‍थ श‍िशु का भार उठाने के ल‍िए आपकी बॉडी को लचीला बनाती है। गर्भावस्‍था के दौरान गर्भस्‍थ श‍िशु मां के शरीर से कैल्‍श‍ियम और जरूरी पोषक तत्‍व लेता है ज‍िसके चलते गर्भवती मह‍िला को हड्ड‍ियों में दर्द या मांसपेश‍ियों में ख‍िंचाव की श‍िकायत होती है। इसे समस्‍या को दूर करने के ल‍िए आप स्‍ट्रेच‍िंग कर सकती हैं। और साथ ही कुछ हेल्थी फ़ूड का सेवन कर सकती है। आपको ट्रेनर या डॉक्‍टर से सलाह लेकर ही स्‍ट्रच‍िंग करनी है ,क्‍योंकि कई बार इससे मसल्‍स पुल या दर्द की समस्‍या उठ जाती है और गर्भावस्‍था में कसरत या स्‍ट्रेच‍िंग भी ज्‍यादा देर करना ठीक नहीं है, इसे सीम‍ित समय के ल‍िए करें।

गर्भावस्‍था में करें रोल डाउन स्ट्रेच (Roll down stretch during pregnancy)stretching roll down

रोल डाउन स्‍ट्रेच‍िंग करने में बेहद आसान है, इसे करने से पैर और कमर के नीचे की मसल्‍स को गर्भवस्‍था में आराम म‍िलेगा। दरअसल गर्भावस्‍था में जैसे-जैसे गर्भस्‍थ श‍िशु का भार बढ़ता जाता है, होने वाली मां को असहज महसूस होता है और हड्ड‍ियों में दर्द उठता है, उनके ल‍िए इस तरह की स्‍ट्रेच‍िंग फायदेमंद है। नीचे कुछ तरीके है जिसका उपयोग कर के आप भी इस एक्सरसाइज कर सकते है।

तरीका:

1. आप घर में कोई प्‍लेन दीवार हो तो उसके सहारे खड़े हो जाएं।
2. इस तरह से घड़ी हों ज‍िससे पैरों की दूरी कंधों के ज‍ितनी हो।
3. अपने घुटनों को हल्‍का मोड़ें और सांस भरें।
4. सांस छोड़ें और शरीर के ऊपरी ह‍िस्‍से को नीचे की ओर झुकाएं।
5. हाथों को जमीन की ओर रखें।
6. सांस लेते और छोड़ते हुए दीवार के सहारे फ‍िर से खड़ी हो जाएं।

2. गर्भावस्‍था में करें हैमस्ट्रिंग स्ट्रेचिंग (Hamstring stretching during pregnancy)

हैमस्‍ट्र‍िंग स्‍ट्रेच‍िंग से बॉडी की मांसपेश‍ियों में लचीलापन आएगा और आपको र‍िलैक्‍स महसूस होगा। हैमस्‍ट्रिंग करने से गर्भावस्‍था के दौरान थाइज की मसल्‍स को आराम म‍िलेगा। और दर्द कम होता है।

तरीका:

1. हैमस्‍ट्र‍िंग स्‍ट्रेच‍िंग को करने के ल‍िए अपने सामने एक कुर्सी रख लें।
2. कुर्सी पर एक पैर रखकर ज‍ितना हो सके सीधा रखें।
3. पैर को सीधा रखते हुए आगे की ओर झुकें।
4. इस अवस्‍था में कुछ सेकेंड होल्‍ड करें और फ‍िर सामान्‍य अवस्‍था में आ जाएं।

3. गर्भावस्‍था में करें गर्दन की स्ट्रेचिंग (Neck stretching during pregnancy)neck stretching

गर्भवस्‍था में गर्दन की स्‍ट्रेच‍िंग करने से गर्दन की मांसपेशियां स्‍ट्रेच हो जाएंगी और आपको दर्द नहीं होगा। स्‍ट्रेच‍िंग एक्‍सरसाइज से गर्भस्‍थ श‍िशु को कोई नुकसान नहीं होता इसल‍िए आप बेझ‍िझक इन्‍हें कर सकती हैं। इसका बहुत ही अच्छा असर पड़ता है शरीर पर।

तरीका:

1. गर्दन की स्‍ट्रेच‍िंग करने के दौरान आप बैठ सकती है या खड़े होकर भी गर्दन की स्‍ट्रेच‍िंग कर सकती हैं।
2. अगर आप बैठकर गर्दन की स्‍ट्रेच‍िंग कर रही हैं तो मैट ब‍िछाकर जमीन पर बैठ जाएं।
3. अपने दाएं हाथ को दाएं कान से ऊपर रखें।
4. दाईं ओर गर्दन को धीरे-धीरे झुकाएं।
5. अब हाथ को नीचे लेकर आएं और गर्दन को सीधा कर लें।
6. बाईं ओर भी इसी अवस्‍था को र‍िपीट करें।

4. गर्भावस्‍था में करें कंधों की स्ट्रेचिंग (Shoulder stretching during pregnancy)

कंधों की स्‍ट्रेच‍िंग को आप द‍िन में कई बार कर सकते हैं। इससे अपर बॉडी पॉर्ट में आपको गर्भवस्‍था के दौरान आराम म‍िलेगा और मसल्‍स में पेन नहीं होगा।

तरीका:

1. कंधों की स्‍ट्रेच‍िंग करने के ल‍िए आप कुर्सी या क‍िसी आरामदायक जगह पर बैठ जाएं।
2. सीने को बाहर की ओर रखें।
3. कंधों को पीछे और नीचे की ओर घुमाएं।
4. कंधों को घुमाते समय आप बड़ा गोला बनाएं।
5. इस अवस्‍था को आपको 4 से 5 बार र‍िपीट करना है।

5. गर्भावस्‍था में करें कमर की स्ट्रेचिंग (Waist stretching during pregnancy)waist stretching

कमर की स्‍ट्रेच‍िंग गर्भवस्‍था में बेहद फायदेमंद है, इससे आपको कमर व पीठ के दर्द से राहत म‍िलेगी। आप कमर की स्‍ट्रेच‍िंग के दौरान ज्‍यादा झुकने से बचें, क्‍योंक‍ि ऐसा करने से नस ख‍िंच सकती है। और समस्या बढ़ सकती है।

तरीका:

1. कमर की स्‍ट्रेच‍िंग करने के ल‍िए आप खड़ी हो जाएं या मैट पर बैठकर भी कमर की स्‍ट्रेच‍िंग कर सकती हैं।
2. अगर बैठकर कमर की स्‍ट्रेच‍िंग कर रही हैं तो स‍िंपल पोज में बैठ जाएं।
3. दाईं हाथ को स‍िर के ऊपर की ओर से ले जाते हुए कमर को दाईं ओर झुकाएं।
4. कुछ सेकेंड के ल‍िए इसी पोज‍िशन में रहें और दूसरी तरफ से इसी अवस्‍था को र‍िपीट करें।

गर्भावस्‍था में क्‍यों फायदेमंद है स्‍ट्रेच‍िंग एक्‍सरसाइज?

1. गर्भावस्‍था के दौरान होने वाले इमोशनल स्‍ट्रेस से राहत म‍िलती है।
2. गर्भावस्‍था में आपके ज्‍वॉइंट्स में ज्‍यादा दर्द नहीं होता।
3. गर्भावस्‍था के दौरान होने वाले कमर दर्द, गर्दन दर्द आद‍ि से राहत म‍िलती है।
4. गर्भावस्‍था के दौरान मांसपेश‍ियों में लचीलापन बढ़ता है।
5. एक्‍सरसाइज करने के बाद अगर आप स्‍ट्रेच‍िंग करेंगी तो मसल्‍स में खिंचाव या दर्द नहीं होगा।
6. गर्भावस्‍था के दौरान स्‍ट्रेच‍िंग और एक्‍सरसाइज करने से बॉडी में ब्‍लड सर्कुलेशन अच्‍छा रहता है।
7. गर्भावस्‍था के दौरान स्‍ट्रेच‍िंग और एक्‍सरसाइज करने से आपका मूड अच्‍छा रहेगा और आपको नींद भी अच्‍छी आएगी।

गर्भावस्‍था में स्‍ट्रेच‍िंग करते समय कुछ खास बातों का ध्‍यान रखें

1. गर्भावस्‍था में स्‍ट्रेच‍िंग के दौरान इस बात का ध्‍यान रखें क‍ि आपको जबरदस्‍ती स्‍ट्रेच‍िंग नहीं करनी है। आप से जितना हो सके उतना ही करे।
2. अगर आपको दर्द या थकान महसूस हो रही है,तो कुछ समय बाद स्‍ट्रेच‍िंग करें या अगले द‍िन कोश‍िश करें।
3. एक समय में अलग-अलग टाइप की स्‍ट्रेच‍िंग करने से बचें।
4. स्‍ट्रेच‍िंग पोज‍िशन को एक म‍िनट से ज्‍यादा होल्‍ड न करें, कुछ सेकेंड के बाद ही सामान्‍य पोज‍िशन में आ जाएं।
5. स्‍ट्रेच‍िंग करने से पहले भी आपको वॉर्म अप करना है। ब‍िना वॉर्म अप क‍िए स्‍ट्रेच‍िंग न करें। कोल्‍ड मसल्‍स में इंजरी होने का खतरा ज्‍यादा होता है इसल‍िए ऐसा करने से बचें।
स्‍ट्रेच‍िंग शुरू करने से पहले अपने डॉक्‍टर से सलाह जरूर कर लें। हर मह‍िला का शरीर अलग होता है इसल‍िए आपके शरीर के मुताब‍िक आपको क‍िन स्‍ट्रेच‍िंग एक्‍सरसाइज को चुनना है और क‍िन्‍हें अवॉइड करना है ये केवल डॉक्‍टर ही तय कर सकते हैं। इसलिए इसे करने से पहले डॉक्टर से चर्चा कर ले।

इस तरीके से आप गर्भावस्था में अपना और अपने शिशु का ध्यान रख सकते है।

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दीप माला गुप्ता

एडिटर: दीप माला गुप्ता

दीप माला गुप्ता रिपोर्टर, एंकर एवं वीडियो न्यूज़ एडिटर हैं। इन्होने जर्नलिजम में डिप्लोमा किया है। आप hindustan18.com के लिए रिपोर्टिंग एवं स्क्रिप्ट लिखने का कार्य करती हैं।

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