हे मुरलीधर छलिया मोहन हम भी तुमको दिल दे बैठे ग़म पहले से ही कम तो ना थे एक और मुसीबत ले बैठे हे मुरलीधर… दिल कहता है तुम सुन्दर हो, आंखे कहती हैं […]

सीताराम जी की प्यारी रजधानी लागे, मोहे मीठो-मीठो सरयू जी को पानी लागे। धन्य कौशला धन्य कैकयी धन्य सुमित्रा मैया, धन्य भूप दसरथ जी के आंगन खेलत चारिउ भैया, मीठी तोतली रसीली प्रभू वाणी […]

मन सीतराम जप लो घड़ी घड़ी, है भव रोग मिटाने वाली राम नाम एक सफ़ल जड़ी, मन सीताराम… भक्ति ग्यान बैराग्य मिलेगा, बात बनेगी सब बिगड़ी, मन सीताराम… जीवन में आती हरियाली,जब राम नाम […]

सीताराम सीताराम सीताराम गाये जा, राम जी के चरणों में मन को लगाये जा। छोड़ सभी रिश्ते बस मान यही नाता पिता रघुनाथ जी श्री जानकी जी माता इसी भाव गंगा में डुबकी लगाये […]

सब जग को रही नचाये, हरिमाया जादूगरनी अति अदभुत खेल रचाय्, हरिमाया जादूगरनी। कोऊ याको पार ना पावे, यह सबको नाच नचावै दुख में सुख को दरसाये, हरिमाया जादूगरनी….. जाके बस में चराचर नाचै […]

स्वामी राजेश्वरानंद सरस्वती जी का लिखा हुआ वह गाया हुआ बहुत ही प्यारा भजन है। भजन के बोल हैं “जैसे राखे राम जी रहना चाहिए, मान अपमान सब सहना चाहिए”। बहुत ही उत्तम भजन […]

जीवन है तेरे हवाले मुरलिया वाले, अपने चरण का दास बनाके-3 वृंदावन में बसा ले,मुरलिया वाले…. हम कठपुतली तेरे हाथ की-3 जैसे भी चाहे नचा ले,मुरलिया वाले….. मेरे अपने हुये न अपने-3 अब तो […]

कैसे कैसे नज़ारे देखे हैं, झुठे सच्चे सहारे देखे हैं, ज़िन्दगी में ज़िन्दगी की नदिया के, खुशी गम दो किनारे देखे हैं। जो कभी थे सितारे हिन्द उनके भी, गर्दिशो में सितारे देखे हैं। […]

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