दूध असली है या नकली, केसे पहचाने ??

milkआजकल कोई स्वस्थ्य रहे तो कैसे रहे ??खाने की हर दूसरी चीज़ मे मिलावट हो रही है। लोग क्या खाएं, कहां से लेकर खाएं यही सबसे बड़ा सवाल बन गया है। चलिए 2-3 चीज़ों में मिलावट हो तो समझ में भी आता है, लेकिन आजकल तो मिलावट करने वालों ने कोई भी चीज़ नहीं छोड़ी।

सबसे ज्यादा दूध के पीछे तो ये धोखेबाज़ ऐसे पड़े हैं मानो इसका सर्वनाश करके ही छोड़ेंगे। दूध हर घर की जरूरत है, खासतौर से भारतीय घरों की। जहां लोग अकेला दूध पीएं या ना पाएं, लेकिन चाय पीने के शौकीन यहां जरूर हैं। जिसके लिए उन्हें दूध, चाय की पत्ती और चीनी तीनों की जरूरत पड़ती हैं। और गुस्सा तो इस बात पर आता है कि इन तीनों में से कोई भी चीज़ बिना मिलावट के बहुत मुश्किल से मिलती है।

दूध में मिलावट करने का शौक तो लोगों का बहुत पुराना हो चुका है। लेकिन मिलावट के तरीके नए आ गए हैं। पहले-पहले दूध लाने वाला दूधी उसमें पानी मिलाकर लाता था। ताकि दूध पतला भी लगे और इसकी मात्रा भी बढ़ जाए।

लेकिन अब मिलावट के तरीके बदल गए हैं, काफी तकनीकी हो गए हैं। अब तो दूध को सीधा गलत तरीके से बनाने की कोशिश की जाती है। केवल दूध ही नही6, दूध से बनने वाले अन्य खाद्य पदार्थ जैसे कि पनीर, घी, मावा, इत्यादि गलत तरीकों से बनाए जा रहे हैं।

जी हां… शायद आज तक आप इस सच्चाई से परे ही रहे हों, लेकिन दूध से बनने वाला ‘मावा’ अकेले दूध की मदद से ना बनकर कपड़े धोने वाले सर्फ के प्रयोग से बनाया जा रहा है। त्योहारों पर मिठाई की डिमांड बढ़ने पर मांग की पूर्ति करने के लिए दुकानदार खतरनाक तरीका अपना रहे हैं। वो ऐसे सिंथेटिक मावे की मिठाई बेच रहे हैं, जिनमें वाशिंग पाउडर तक मिलाया जाता है।

देशभर में सप्लाई होने वाली इस मिठाई को मुरैना और भिंड में बड़े स्तर पर बनाया जाता है। एक बार माल तैयार होते ही उसे ग्वालियर भेजा जाता है और फिर देशभर में सप्लाई किया जाता है।

लेकिन मावे को बनाने के लिए वाशिंग पाउडर का इस्तेमाल क्यूं हो रहा है, इसके पीछे भी लोगों ने एक जुगत लगाई है। दरअसल इस सिंथेटिक मावे को बनाने के दौरान उसमें वाशिंग पाउडर भी डाला जाता है। पहले दूध से क्रीम निकाली जाती है, जिसके बाद उसमें यूरिया के अलावा डिटर्जेंट पाउडर और घटिया क्वालिटी का रिफाइंड या वनस्पति घी मिलाया जाता है।

मावे को बनाने के लिए जिस यूरिया की जरूरत पड़ती है वह महंगा होता है, जब मिलावट करने वाले लोगों को समझ में आया कि यूरिया का काम वाशिंग पाउडर भी कर सकता है तो उन्होंने मिलावट का यह गंदा खेल आरंभ कर दिया। इन सभी मिलावटी चीजों को मिलाने के बाद जो पदार्थ तैयार होता है, उससे फिर मावा बना लिया जाता है।

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Author: Hindi Desk

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