कोरोना वैक्‍सीन की दोनों डोज लेने के बाद भी क्‍यों हुई डॉ केके अग्रवाल की मौत, एक्‍सपर्ट ने समझाया

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देशभर से ऐसे कई मामले सामने आए हैं जहां कोविड-19 वैक्‍सीन की दोनों डोज लेने के बावजूद संक्रमण हुआ और मौत हो गई। एक्‍सपर्ट्स ने इसके पीछे की संभाव‍ित वजहें ग‍िनाई हैं।

नई दिल्‍ली – मशहूर डॉक्‍टर केके अग्रवाल का कोविड-19 से निधन हो गया। लोगों को जो बात हैरान कर रही है, वह यह कि उन्‍हें वैक्‍सीन की दोनों डोज लग चुकी थीं। इसपर मेदांता अस्‍पताल के डॉक्‍टर अरविंद कुमार ने कहा कि कई वजहें हो सकती है जिनसे पूरी तरह टीकाकरण के बाद भी ऐसा हो सकता है। उन्‍होंने एक न्‍यूज चैनल से बातचीत में कहा कि इस पर और रिसर्च की जरूरत है। हालांकि उन्‍होंने तीन ऐसी संभावनाएं जरूर गिनाईं जो दोनों डोज लगवा चुके लोगों में संक्रमण/मौत की वजह हो सकती हैं।

क्‍या दोनों डोज लगने के बावजूद प्रोटेक्‍शन नहीं?

डॉ कुमार ने कहा कि हाल-फिलहाल में वैक्‍सीन लगवा चुके लोगों की जो मौतें हुई हैं, उनकी पिछले साल से तुलना करें तो एक बात तो साफ है कि इस बार मृतकों की संख्‍या कम है। हमने फेज 3 ट्रायल्‍स में डेथ रेट 0% माना था मगर जमीन पर हालात अलग नजर आ रहे हैं। इसके कई कारण हो सकते हैं। डॉ कुमार ने इशारा क‍िया कि ऐसा हो सकता है कि दोनों डोज लगने के बाद जिनकी मौत हुई, उनमें पर्याप्‍त ऐंटीबॉडीज न बनीं हो या फिर इन स्‍ट्रेन्‍स के खिलाफ वैक्‍सीन असरदार न हो।
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यह रिसर्च का विषय है कि क्‍या इन लोगों में दोनों डोज लगने के बाद भी ऐंटीबॉडीज नहीं बनीं। अगर ऐंटीबॉडीज बनीं तो पर्याप्‍त मात्रा में नहीं बनीं या जिस तरह की न्‍यूट्रलाइजिंग ऐंटीबॉडीज चाहिए थीं, वो नहीं बनीं। तीसरी संभावना ये है कि जो ऐंटीबॉडीज थीं, वे वायरस के इस स्‍ट्रेन के खिलाफ कारगर नहीं हैं। – डॉक्‍टर अरविंद कुमार, मेदांता अस्‍पताल, गुरुग्राम

मेदांता के एक्‍सपर्ट ने जनता से अपील करते हुए कहा कि इसका मतलब यह नहीं कि वैक्‍सीन बेकार है। 100% प्रोटेक्‍शन नहीं है, लेकिन फिर भी मौत, गंभीर बीमारी से बचाने में काफी कारगर है। आज की तारीख में यह हमारा सबसे मजबूत हथियार है।

वैक्‍सीनेशन के बाद भी पॉजिटिव आ सकती है रिपोर्ट
आंध्र प्रदेश में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के अध्‍यक्ष डॉ नरेला सुब्रमण्‍यम ने कहा कि WHO ने बार-बार कहा है कि वैक्‍सीन आपको कोविड-19 पॉजिटिव नहीं बना सकतीं। उन्‍होंने यह भी कहा कि अगर कोई व्‍यक्ति कोविड बीमारी के इनक्‍यूबेशन पीरियड में वैक्‍सीन लेता है तो टेस्‍ट पॉजिटिव आ सकता है। यह भी हो सकता है कि वैक्‍सीनेशन सेंटर से आपको इन्‍फेक्‍शन हो या टीका लगने के ठीक बाद, उस स्थिति में भी पॉजिटिव रिजल्‍ट आ सकता है।

ट्रायल में नहीं हुई थी किसी की मौत
इससे पहले डॉक्टर कुमार ने कहा कि जब पिछले साल कोरोना वैक्सीन के फेज तीन के ट्रायल हुए थे, तो उसमें यह देखा गया था कि वैक्सीन लगाने के बाद भी 25-30 पर्सेंट लोग संक्रमित हो गए थे। हालांकि उस दौरान इस ट्रायल में सभी वॉलंटियर्स में इन्फेक्शन माइल्ड वैरायटी का था। किसी को भी अस्पताल में भर्ती होने या फिर वेंटिलेटर की जरूरत नहीं पड़ी थी। उस ग्रुप में किसी की मौत नहीं हुई थी।

हिन्दुतान 18 न्यूज़ रूम

एडिटर: हिन्दुतान 18 न्यूज़ रूम

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