गुड़गांव : पूर्व सैनिकों की मांग, जेएनयू छात्रसंघ भंग कर कन्हैया की तत्काल हो गिरफ्तारी

इंडियन फेडरेशन ऑफ ब्रेव सोल्डर्स, सिटीजन एंड स्टूडेंट्स के तत्वावधान में पूर्व सैनिकों ने बैठक कर कन्हैया के कश्मीर में सैनिकों पर दिए घिनौने बयान की निंदा की तथा विरोधस्वरूप इंडिया गेट से संसद तक मार्च करेंगे पूर्व सैनिक, हाईकोर्ट से अपील अंतरिम जमानत रद्द हो।
col.-kanvar-bhardwaj-01देशद्रोह के आरोप में सशर्त अंतरिम जमानत पर रिहा हुए जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार के पूर्व सैनिकों एवं कश्मीर में तैनात सेना के जवानों के प्रति विवादित बयान से गुड़गांव के पूर्व सैनिकों में भारी रोष है। इसे देखते हुए पूर्व सैनिकों ने जेएनयू छात्रसंघ भंग करने, कन्हैया की जमानत तत्काल रद्द कर उसे जेल भेजने की मांग को लेकर इंडिया गेट से संसद भवन तक मार्च निकाल सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने का निर्णय लिया है।
इंडियन फेडरेशन ऑफ ब्रेव सोल्डर्स, सिटीजन एंड स्टूडेंट्स के कार्यवाहक अध्यक्ष (रिटा.) कर्नल कंवर कंवर भारद्वाज (सेना मेडल) ने बृहस्पतिवार को पटौदी रोड स्थित उमंग आर्केड पर पूर्व सैनिकों के साथ बैठक की। इस मौके पर कन्हैया के नागपुर स्थित आरएसएस मुख्यालय से पूर्व सैनिकों के संचालित होने संबंधी बयान की कड़े शब्दों में निंदा की गई और रोष व्यक्त किया गया। कर्नल भारद्वाज ने कहा कि कश्मीर में देश की सुरक्षा में दहशतगर्दों, देशतोड़कों, गद्दारों से लड़ रहे सैनिकों पर बलात्कार जैसा घिनौना आरोप लगाकर कन्हैया ने सैनिकों की गरिमा और उनकी प्रतिष्ठा को धक्का पहुंचाया है। देश का कोई भी पूर्व सैनिक इस बयान को सहन नहीं करेगा।
उन्होंने ने कहा कि जेएनयू देशविरोधी गतिविधियों का अड्डा बनता जा रहा है। छह वर्ष पूर्व इसी जेएनयू में छत्तीसगढ़ के बस्तर में नक्सलियों से मुठभेड़ में 76 सीआरपीएफ के जवानों के शहीद होने पर उन्हें श्रद्धांजलि देने की जगह जश्न मनाया गया था। अब जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार के नेतृत्व में वहां देशद्रोही गतिविधियां हो रही हैं। देशद्रोह के आरोप में अंतरिम जमानत पर रिहा होने के बावजूद वह देश व देश के बहादुर सैनिकों के खिलाफ लगातार जहर फैला रहा है। यह साफ तौर पर हाईकोर्ट द्वारा दिए गए जमानत के आधारों का भी उल्लंघन है। कर्नल भारद्वाज ने दिल्ली हाईकोर्ट से अपील की है कि वह तत्काल कन्हैया की अंतरिम जमानत को खारिज कर उसे जेल भेजने का आदेश दे, ताकि देश के लोगों में न्यायालय की गरिमा और बढ़ सके। साथ ही इस तरह के अराजक, देशद्रोही गतिविधियों को अंजाम देने वालों को एक कड़ा संदेश भी जाए।
संगठन के कार्यवाहक महासचिव सूबेदार विजेंद्र सिंह ठाकरान ने कन्हैया के बयान का जिक्र करते हुए कहा कि देश में गरीबी, अशिक्षा, असमानता के लिए बड़े पैमाने पर वे नौकरशाह भी जिम्मेदार हैं, जो जेएनयू से पढ़कर प्रशासनिक सेवाओं में हैं, जिन पर सरकार की योजनाओं को लागू करने की जिम्मेदारी है। और किसी भी हाल में उपरोक्त विषयों की आड़ में कन्हैया की देशविरोधी गतिविधियां, सैनिकों पर लगाए गए गंभीर आरोप को हम कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे।
मौके पर कर्नल रघुवीर ने याद दिलाया कि विधि द्वारा स्थापित सरकार के खिलाफ लिखकर, बोलकर, संकेत देकर या फिर अभिव्यक्ति के जरिए कोई विद्रोह करता है या नफरत फैलाता है या ऐसा कोशिश करता है तो वह राजद्रोह है, जिसके लिए कड़े सजा का प्रावधान है। इस तरह से देखें तो कन्हैया की हरकतें देशद्रोह कीं हैं। उन्होंने मानव संसाधन मंत्री व जेएनयू के कुलपति से मांग की है कि वे तत्काल जोएनयू छात्रसंघ को भंग करें, जिससे कि राष्ट्रीय राजधानी के एक प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान से प्रसारित हो रहे देश विरोधी बातों को युवाओं और देश के लोगों तक पहुंचने से रोका जा सके। इसके लिए देश के पूर्व सैनिक एकबार फिर से लामबंद होकर इंडिया गेट से संसद भवन तक मार्च निकालेंगे।
इस दौरान कर्नल भारद्वाज ने कहा कि जल्द ही एक बैठक कर इंडिया गेट से संसद मार्च की तारीख व समय तय की जाएगी।
बैठक में कर्नल आरसी चड्ढा, कर्नल आरके शर्मा, मेजर आईएस जाखड़, शेर सिंह, एसएस सोलंकी कपूर सिंह दलाल, अमरजीत कटारिया, लेखराज आदि मौजूद थे।फड़

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Author: Hindi Desk

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