तो अब इंटरनेट पर भी नहीं दिखेंगे बिना सेंसर वाले अश्लील दृश्य ??

फिल्म की रिलीज से पहले ही उसके कुछ इस तरह के हिस्से इंटरनेट पर आ जाते हैं, जो आपत्तिजनक होते हैं। ये फिल्म से बाद में काट दिए जाते हैं, लेकिन अब नेट पर अपलोड भी नहीं किया जा सकेगा।

किसी भी फिल्म के रिलीज होने से पहले उसे सेंसर बोर्ड के सदस्य देखते हैं। इसके सेंसर के सदस्य उसको प्रमाण पत्र देते हैं। इसके बाद ये होता है कि फिल्म किस वर्ग के लिए है। फिल्म के सर्टिफिकेट के बाद ही तय होता है कि फिल्म को बच्चे देख सकते हैं कि नहीं या फिल्म सिर्प 18 साल से ज्यादा के लोगों के लिए ही है।
इंटरनेट पर फिल्म के प्रमोशन के बढ़ते चलन के बाद एक नई समस्या देखी जा रही है। फिल्म की रिलीज से पहले ही उसके बहुत से दृश्य नेट पर अपलोड कर दिए जाते हैं। कई बार इन दृश्यों में अश्लीलता की भरमामर होती है। ये सारे दृश्य फिल्म के सेंसर बोर्ड में सर्टिफिकेट के लिए जाने से पहले इंटरनेट पर आ जाते हैं।
इसके बाद देखा जाता है कि सेंसर बोर्ड उन तमाम सीन पर कैंची चला देता है। सेंसर की कैची चलने के बाद फिल्म से जो सीन काटे जाते हैं वो पहले से नेट पर होते हैं। इस पर कई एनजीओ और संगठन सवाल उठाते रहे हैं। फिल्मों के सीन पहले से नेट पर आ जाने की बात को लेकर लुधियाना के एक एनजीओ ने चंडीगढ़ हाइकोर्ट में याचिका दायर की थी। जिस पर सेंसर बोर्ड ने जवाब दिया है।

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Author: Hindi Desk

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