क्या आप गोमती चक्र से जुड़े फायदे जानते है ???

gomatichakraइस धरती पर प्रकृति ने जो कुछ भी उत्पन्न किया है, वह बेवजह नहीं है, बल्कि उसका कहीं न कहीं उपयोग अवश्य है। हम सभी लोग जिन वस्तुओं के गुणों से परिचित है, उनका अधिक से अधिक अपने जीवन में प्रयोग करके लाभ प्राप्त करते है। लेकिन बहुत सी ऐसे वस्तुएं भी जिनके बारे में अज्ञान हैं। आज हम आपको कुछ ऐसी दुर्लभ वस्तुओं के बारे में बतायेंगे जिन्हें आप-अपने जीवन में उपयोग करके अनेक प्रकार की समस्याओं से निजात पाकर सुखद एंव समृद्धिदायक जीवन व्यतीत कर सकेंगे।

हम बात कर रहे हैं गोमती चक्र की, जो आपके जीवन के सारे दुखों को दूर खुशियों से भर सकता है। यह गोमती नदीं में पाया जाने वाला अल्पमोली कैल्शियम व पत्थर मिश्रित होते है। इनके एक तरफ उठी हुयी सतह होती है, और दूसरी तरफ कुछ चक्र होते है। इन चक्रों को लक्ष्मी जी का प्रतीक माना जाता है। गोमती चक्रों का निम्न प्रकार से प्रयोग करके आप-अपनी समस्याओं का निदान कर सकते है-

1- यदि किसी व्यक्ति या बच्चे को बार-बार नजर लग जाती है, तो वह किसी निर्जन स्थान पर जाकर 3 गोमती चक्रों को अपने उपर से 7 बार उतार कर अपने पीछे फेंक दें और पीछे मुड़कर न देंखे। इस क्रिया को करने से कभी नजर दोष नहीं होगा।

2- यदि आपको निरन्तर आर्थिक हानि उठानी पड़ रही है, तो प्रथम सोमवार को 11 अभिमंत्रित गोमती चक्रों का हल्दी से तिलक करें और शंकर जी का ध्यान कर पीले कपड़ें में बांधकर पूरे घर में घुमाकर किसी बहते हुये जल में प्रवाहित करें। इसे करने से कुछ समय पश्चात ही लाभ मिलेगा।
3- यदि कोई बच्चा शीघ्र ही डर जाता है, तो प्रथम मंगलवार को अभिमंत्रित गोमती चक्र पर हनुमान जी के दाॅये कन्धें का सिन्दूर से तिलक कर किसी लाल कपड़े में बांधकर बच्चे के गले में पहना दें। बच्चे का डरना समाप्त हो जायेगा।

4- यदि आपके व्यवसाय में किसी की नजर लग जाती है, तो 11 अभिमंत्रित गोमती चक्र और तीन छोटे नारियल को पूजा करने के बाद पीले वस्त्र में बाॅधकर मुख्यद्वार पर लटका दें। इसके बाद आपके व्यवसाय में कभी नजर नहीं लगेगी।

5- यदि आपके हाथों से खर्च अधिक होता है, तो प्रथम शुक्रवार को 11 अभिमंत्रित गोमती चक्रों को पीले कपड़े पर रखकर मां लक्ष्मी का स्मरण कर विधिवत पूजन करें। दूसरे दिन उनमें से 4 गोमती चक्र उठाकर घर के चारों कोनों में एक-2 दबा दें और 3 गोमती चक्र को लाल चस्त्र में बांधकर धन रखने के स्थान पर रख दें तथा 3 चक्रों को पूजा स्थल में रख्रें दे। शेष बचें एक चक्र को किसी मन्दिर में अपनी समस्या निवेदन के साथ भगवान को अर्पित कर दें। यह प्रयोग करने से कुछ समय में लाभ दिखने लगेगा।

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Author: Hindi Desk

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