Happy Birthday : भारत की द वॉल से जाने वाले राहुल द्रविड़ ने 49 वर्ष में किया प्रवेश, जन्मदिन के मौके पर जाने उनसे ही जुडी कुछ अनकही बातें

Happy Birthday : भारत की  द वॉल से जाने वाले  राहुल द्रविड़ ने 49 वर्ष में किया प्रवेश, जन्मदिन के मौके पर जाने उनसे ही जुडी कुछ अनकही बातें

भारत के पूर्व कप्तान और वर्तमान में मुख्य कोच राहुल द्रविड़ आज यानि 11 जनवरी 2022 को 49 साल के हो गए। भारत की द वॉल से जाने वाले द्रविड़ ने 16 साल तक भारतीय टीम का हिस्सा रहे। अपनी अच्छी बल्लेबाजी तकनीक के लिए जाने जाने वाले द्रविड़ ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में २४००० हज़ाए से ज्यादा रन बनाए और उन्हें क्रिकेट के इतिहास में सबसे महान बल्लेबाजों में से एक माना जाता है। द्रविड़ ने मौजूदा दौर के कई युवा क्रिकेटरों को तैयार किया, जब वह बेंगलुरु में एनसीए निदेशक रहे. हाल में उन्हें भारतीय क्रिकेट टीम का मुख्य कोच नियुक्त किया गया है.तो आइये उनके जन्मदिन के मौके पर जानतें हैं उनसे ही जुडी कुछ प्रमुख बातें।

जन्म द्रविड़ का जन्म 11 जनवरी 1973 को मध्य प्रदेश के इंदौर में एक मराठी ब्राह्मण परिवार में हुआ था। उनका परिवार बाद में बैंगलोर, कर्नाटक चला गया, जहाँ उनका पालन-पोषण हुआ। उनकी मातृभाषा मराठी है। द्रविड़ के पिता शरद द्रविड़ एक ऐसी कंपनी के लिए काम करते थे जो जैम और प्रिजर्व बनाती है, जिससे बाद के उपनाम जैमी को जन्म दिया गया। उनकी माँ, पुष्पा, यूनिवर्सिटी विश्वेश्वरैया कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग (UVCE), बैंगलोर में वास्तुकला की प्रोफेसर थीं। द्रविड़ का एक छोटा भाई है जिसका नाम विजय है। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा सेंट जोसेफ बॉयज़ हाई स्कूल, बैंगलोर में की और सेंट जोसेफ कॉलेज ऑफ़ कॉमर्स, बैंगलोर से वाणिज्य में डिग्री हासिल की। सेंट जोसेफ कॉलेज ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में एमबीए की पढ़ाई करने के दौरान उन्हें भारत की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम में चुना गया था। वह कई मराठी, कन्नड़, अंग्रेजी और हिंदी जैसी भाषाओं में पारंगत है । राहुल ने नागपुर की एक सर्जन डॉक्टर विजेता पेंधारकर से शादी की और 11 अक्टूबर 2005 को उनके बेटे समित का जन्म हुआ , 27 अप्रैल 2009 को विजेता ने उनके दूसरे बेटे को जन्म दिया।

12 साल की उम्र में क्रिकेट खेलना किया शुरू

द्रविड़ ने 12 साल की उम्र में क्रिकेट खेलना शुरू किया और अंडर -15, अंडर -17 और अंडर -19 स्तरों पर कर्नाटक का प्रतिनिधित्व किया। पूर्व क्रिकेटर केकी तारापुर ने चिन्नास्वामी स्टेडियम में समर कैंप में कोचिंग के दौरान पहली बार द्रविड़ की प्रतिभा को देखा। द्रविड़ ने अपनी स्कूल टीम के लिए शतक बनाया। वह विकेट कीपर के रूप में भी खेले। 3 अप्रैल 1996 को द्रविड़ ने टीम इंडिया के लिए पहला वनडे और 20 जून को पहला टेस्ट मैच खेला। फिर यह सफर अनवरत अगले 16 वर्षों तक जारी रहा । उन्होंने मार्च 2012 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया था।

करियर

राहुल द्रविड़ के करियर की बात करें तो उन्होंने अपने 16 साल के करियर में 164 टेस्ट मैच खेले हैं। उनके नाम टेस्ट में 36 शतक और 63 अर्धशतकों की बदौलत कुल 13288 रन दर्ज हैं. इसके अलावा वनडे में उन्होंने 83 अर्धशतक और 12 शतकों के दम पर कुल 10889 रन बनाए. उन्होंने एकमात्र टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला इंग्लैंड के खिलाफ मैनचेस्टर में साल 2011 में खेला जिसमें 31 रन बनाए. फर्स्ट क्लास क्रिकेट में उन्होंने कुल 23794 रन बनाए । द्रविड़ के नाम कई ऐसे वर्ल्ड रेकॉर्ड भी हैं, जो बताते हैं कि द्रविड़ को क्रिकेट की दीवार यूं ही नहीं कहा जाता। राहुल द्रविड़ के नाम टेस्ट मैचों में सबसे ज्यादा गेंदें खेलने का भी रिकॉर्ड है। राहुल ने अपने 16 बरस के करियर में 31,258 गेंदों का सामना किया और कुल 736 घंटे क्रीज पर बिताए, जो कि एक वर्ल्ड रेकॉर्ड है। द्रविड़ की खासियत यह थी कि वह हर परिस्थिति और हर टीम के खिलाफ रन मशीन रहे। द्रविड़ दुनिया के ऐसे पहले बल्लेबाज रहे हैं, जिन्होंने टेस्ट क्रिकेट खेलने वाली दुनिया की सभी 10 टीमों के खिलाफ शतक जड़ा। गैर-विकेटकीपर फील्डर के तौर पर उन्होंने 164 टेस्ट मैचों में 210 से ज्यादा कैच पकड़े थे, यह भी एक वर्ल्ड रेकॉर्ड है।

डेब्यू मैच हुआ आखिरी मैच
द्रविड़ दुनिया के ऐसे एकमात्र खिलाड़ी हैं जो डेब्यु मैच मे ही रिटायर हुए थे। जी हां द्रविड़ ने 2011 में इंग्लैंड के अगेंस्ट टी-20 डेब्यु किया था और इसी मैच में उन्होंने टी-20 को अलविदा कह दिया था।

भारतीय टीम के बने मुख्य कोच

पूर्व भारतीय क्रिकेटर और भारतीय राष्ट्रीय टीम के पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़ को नवंबर 2021 में भारतीय टीम का मुख्य कोच बनाया गया। सीनियर पुरुष राष्ट्रीय टीम में अपनी नियुक्ति से पहले, द्रविड़ राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी (एनसीए) में क्रिकेट के प्रमुख और भारत अंडर -19 और भारत ए टीमों के मुख्य कोच थे। उनके संरक्षण में, अंडर -19 टीम 2016 अंडर -19 क्रिकेट विश्व कप में उपविजेता रही और 2018 अंडर -19 क्रिकेट विश्व कप जीता। उन्हें बोलचाल की भाषा में मिस्टर डिपेंडेबल के नाम से जाना जाता है और अक्सर उन्हें द वॉल भी कहा जाता है

सम्मान-

1998 – क्रिकेट में उपलब्धियों के लिए अर्जुन पुरस्कार प्राप्तकर्ता

2004 – पद्म श्री – भारत का चौथा सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार

2013 – पद्म भूषण – भारत का तीसरा सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार

1999 – सिएट इंटरनेशनल क्रिकेटर ऑफ़ द वर्ल्ड कप

2000 – द्रविड़ विजडन क्रिकेटर ऑफ द ईयर चुने गए पांच क्रिकेटरों में से एक थे।

2004 – ICC क्रिकेटर ऑफ़ द ईयर – ICC लिस्टिंग में सर्वोच्च पुरस्कार

2004 – ICC टेस्ट प्लेयर ऑफ़ द ईयर, ICC क्रिकेटर ऑफ़ द ईयर

2004 – एमटीवी यूथ आइकॉन ऑफ द ईयर

2006 – आईसीसी की टेस्ट टीम के कप्तान

2011 – देव आनंद के साथ एनडीटीवी इंडियन ऑफ द ईयर लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड

2012 – ग्लेन मैक्ग्रा के साथ डॉन ब्रैडमैन पुरस्कार

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अनुराग बघेल

एडिटर: अनुराग बघेल

मेरा नाम अनुराग बघेल है। मैं बिगत कई सालों से प्रिन्ट मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़ा हूँ। पत्रकारिकता मेरा पैशन रहा है। फिलहाल मैं हिन्दुस्तान 18 हिन्दी में रिपोर्टर ओर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हूं।

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