क्या आप जानते है? मक्के खाने से मिलते है अचूक फ़ायदे, कुछ ही समय में वजन और आँखो की रोशनी बढ़ा सकते है

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क्या आप जानते है? मक्के खाने से मिलते है अचूक फ़ायदे, कुछ ही समय में वजन और आँखो की रोशनी बढ़ा सकते है

मक्का क्या होता है? (What is Corn in Hindi?)

मक्का बहुत ही पौष्टिक होता है। भुट्टे के कोमल बाल दर्द कम करने वाला और मूत्र को बढ़ाने वाला होता है। इसके अलावा सूजाक या गोनोरिया, सूजन और पथरी में इनका काढ़ा बनाकर पिलाया जाता है। मक्का प्रकृति से मधुर, ठंडा, रूखा, खाकर मन संतुष्ट करने वाला, पित्त का स्राव बढ़ाने वाला , मूत्र बढ़ाने वाला, पोषक, शक्ति बढ़ाने वाला, खाने की इच्छा बढ़ाने वाला, बलवर्धक, कफ और पित्त कम करने वाला होता है। कच्चा मक्का पुष्टिकारक तथा रुचिकारक होता है। मक्का हृदय की पेशियों को उत्तेजित करता है, रक्तचाप बढ़ाता है, मूत्र संबंधी बीमारियों में औषधियों की तरह काम करता है एवं पाचन तंत्र को बेहतर करता है। मक्के की रेशमी वर्तिका या बत्ती-स्तम्भक (Styptic), मूत्र कम होने पर बढ़ाने में भी मदद करता है।
बच्चों के विकास के लिए भुट्टा बेहद फायदेमंद माना गया है। यह फाइबर, विटामिन, खनिज और एंटीऑक्सिडेंट से समृद्ध अनाज है, जो सेहत से जुड़ी कई समस्याओं को ठीक करने में मदद करता है। मक्के में पर्याप्त मात्रा में मौजूद प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट बच्चों के लिए बेहतरीन आहार माना जा सकता है। हालांकि 6 माह से बड़े बच्चे के आहार में पीसकर पका हुआ मक्का शामिल करना चाहिए। आइए जानते हैं बच्चों के विकास के लिए भुट्टा कैसे है बेहद फायदेमंद।

भुट्टे के फायदे

1. जिन बच्चों का वजन कम होता है, उनके आहार में कैलोरी की मात्रा बढ़ाने के लिए मकई का इस्तेमाल कर सकते हैं।
2. मकई में कैलोरी और कार्बोहाइड्रेट अधिक मात्रा में पाए जाते हैं, जो शिशु का वजन बढ़ाने में कारगर हो सकते हैं।
3. मक्के में कई प्रकार के मिनरल और विटामिन होते हैं, जो शिशु के विकास में सहायक होते हैं।
4. बच्चे को पाचन या कब्ज की शिकायत होती है, तो मकई उसके लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। इसमें फाइबर होता है, जो कब्ज से राहत दिला सकता है।
5. शोध के मुताबिक, पीले मक्के के दानों में कैरोटीनोइड नामक पदार्थ मौजूद होता है। जो आंखों की रोशनी के लिए लाभकारी हो सकता है।
6. बड़ों के साथ-साथ बच्चों को भी भुट्टे जरूर खाना चाहिए। इससे उनके दांत मजबूत होते हैं।
7. भुट्टे खाने के बाद जो भुट्टे का भाग बचता है उसे फेंकें नहीं बल्कि उसे बीच से तोड़कर सूंघें। ऐसा करने से जुकाम में बड़ा फायदा मिलता है।
8. कॉर्न विटामिन बी 12, फोलिक एसिड और आयरन से भरपूर होता है। इसे खाने से शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं के उत्पादन में मदद मिलती है। जिससे एनीमिया का खतरा कम होता है। ऐसा करने से बच्चे की दूध पर निर्भरता कम हो जाती है।

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दीप माला गुप्ता

एडिटर: दीप माला गुप्ता

दीप माला गुप्ता रिपोर्टर, एंकर एवं वीडियो न्यूज़ एडिटर हैं। इन्होने जर्नलिजम में डिप्लोमा किया है। आप hindustan18.com के लिए रिपोर्टिंग एवं स्क्रिप्ट लिखने का कार्य करती हैं।

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