केसे करें फटी एडियों का इलाज….

foot.पैरों की एड़ियों के फटने की समस्या काफी विकट होती है। किसी एलोपैथिक क्रीम को लगाने की बजाय बेहतर होगा कि फटी एड़ियों का इलाज, आयुर्वेदिक तरीके से किया जाये। एड़ियां फटने का कारण, रूखी यानि ड्राई त्‍वचा होती है।

बिना चप्पल के रहने पर या सर्दियों में त्वचा की नमी खो जाने पर एडिया फटने की समस्या हो जाती है। कई बार फटी हुई एडियों से खून भी आने लगता है।

100 में से 80 लोगों को कभी न कभी फटी एडियों की समस्‍या रहती ही है, वो इसके लिए कई हील क्रीम का भी इस्तेमाल करते हैं जिससे टेम्परेरी तौर पर आराम मिल जाता है लेकिन फटी एडियों की समस्‍ दूरनहीं होती है।

ऐसे में आयुर्वेद उपचार का सहारा लें, ताकि फटी एडियों से निजात मिल सकें। बोल्‍ड स्‍काई के इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कि किस प्रकार फटी एडियों का इलाज आयुर्वेदिक तरीके से किया जा सकता है।

फटी एड़ियों का उपचार

 वनस्पति तेल

अलग अलग प्रकार के वनस्पति तेल जैसे जैतून का तेल,तिल का तेल,नारियल का तेल या अन्य कोई तेल फटी एड़ियों को रोकने एवं ठीक करने में काफी सहायक होते हैं। सोने के पहले इन्हें पैरों पर मलें और बेहतर परिणामों के लिए मोज़े पहन कर रहें।

चावल का आटा 

यह उत्पाद फटी त्वचा (fati edi) से मृत कोशिकाएं निकालने के लिए एक्सफ़ोलिएटिंग स्क्रब की तरह प्रयोग में लाया जा सकता है। इस स्क्रब को बनाना काफी आसान है और एडी फटना, इसके लिए आपको 1 मुट्ठी चावल,सेब का सिरका और जैतून के तेल की आवश्यकता होती है। पैरों को गरम पानी में 10 मिनट तक डुबोकर रखें और उसके बाद पैरों में चावल का पेस्ट लगाएं।

फटी एड़ियां – 

इसे नीम की पत्तियों के रूप में भी जाना जाता है और इसमें फंगीसाइडल तत्व होते हैं जो कि फटी एड़ियों पर काफी असरदार साबित होते हैं। नीम की पत्तियों और हल्दी का पेस्ट बनाएं और इसे फटी एड़ियों पर लगाएं 1 घंटे तक रखकर गरम पानी से धो दें।

फटे पैरों – नींबू 

नींबू उस रूखी त्वचा को कोमल करने में सक्षम है जिसकी वजह से एड़ियां (fati edi) फटती हैं। आप फटी एड़ियों में सीधे ही नींबू का रस लगा सकते हैं या फिर गरम पानी में नींबू का रस मिलाकर उस पानी में 15 मिनट तक पैर डुबोये रखें। इसके बाद पैरों को पुमिस स्टोन और साबुन से साफ़ कर लें।

गुलाबजल एवं ग्लिसरीन 

ग्लिसरीन त्वचा को मुलायम बनाता है और गुलाबजल विभिन्न विटामिनों का मिश्रण करता है और एक एंटी बैक्टीरियल एवं एंटी सेप्टिक माध्यम का भी काम करता है। इन दोनों सामग्रियों का मिश्रण करके सोने जाने से पहले पैरों में लगाएं। इससे आपको काफी आराम प्राप्त होगा।

पैराफिन वैक्स

फटी एड़ियों (fati adiya) की विषम समस्याओं जैसे खून निकलना एवं तेज़ दर्द में पैराफिन वैक्स काफी आराम देता है। पैराफिन वैक्स,सरसों के तेल एवं नारियल तेल का मिश्रण तैयार करें। मोम के पिघलने तक इस मिश्रण को गरम करें और पैरों में लगाने से पहले इसे ठंडा होने दें।

फटी एड़ियों के कारण

  • पैरों की सही देखभाल ना होना
  • गलत जूते पहनना
  • गरम पानी में पैरों को लम्बे समय तक डुबाकर रखना
  • मधुमेह की समस्या
  • खानपान में अनियमितता
  • ठण्ड का मौसम
  • पैरों को पोषण ना मिलना
  • पैरों का सूखापन

फटी एड़ियों के लक्षण

 सूखापन और खुजली

त्वचा का उतारना फटी एड़ियों की पहली निशानी है। पैरों के नीचे कई बार काफी तेज़ खुजली भी होती है।

 लम्बी दरारों का उभरना

अगर आपकी  रूखी है तो उसमें एड़ियों के पास दरारें पड़नी शुरू हो जाती हैं।

दर्द होना

चलने के समय दर्द होना एवं एड़ियों का नरम एवं दर्दभरा लगना

 त्वचा कठोर हो जाना

त्वचा जब नमी खो देती है तो वह काफी सख्त हो जाती है।

 फटी एड़ियों की देखभाल 

तुरंत इलाज करें

जब आपको पता चल जाए कि आपकी एड़ियां फैट रही हैं तो तुरंत उसका उपचार करें। अगर जूते समस्या पैदा कर रहे हैं तो उन्हें बदलें। अन्य किसी  भी समस्या पर तुरंत कार्यवाही करें।

गरम पानी में पैर डुबोना

थोड़ा कास्टर आयल या कैमोमाइल आयल पानी में डालें जिससे कि पैरों को नमी मिल सके। पैरों को संक्रमण रहित करने की आवश्यकता पड़ेगी और यह काम सेब का सिरका करता है।

शरीर के प्राकृतिक तेल को ना खोएं

आपके शरीर में प्राकृतिक तेल की परतें होती हैं और बहुत ज़्यादा गरम पानी से नहाने पर ये तेल शरीर से निकल जाते हैं। सिर्फ सौम्य साबुनों का इस्तेमाल करें।

पैरों की सुरक्षा करें

ठण्ड से त्वचा रूखी हो जाती है तथा नमी खो जाती है अतः बाहर जाने से पहले पैरों को ढक लें। हमेशा क्रीम और मॉइस्चराइज़र लगाएं। सूरज की किरणों से खुद को बचाए रखें।

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Author: Hindi Desk

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