भारत की सबसे डरावनी और भूतिया जगह,जहां दिन में जाने से लगता है डर

                  भारत की सबसे डरावनी और भूतिया जगह,जहां दिन में जाने लगता है डर

FILE PHOTO- Haunted-place

इस युग में भले ही लोग भूत-प्रेत और आत्मा जैसी बातों पर यकीन नहीं होता है, लेकिन दुनिया में कभी कभी ऐसी अजीबो गरीब घटना होती हैं जिनसे पूरी तरह से इनकार नहीं किया जा सकता। कई बार आपके आसपास भी ऐसी जगहें होती हैं, जिनके बारे में ऐसी बातें की जाती हैं। यह हम आपको भी भारत की ऐसी जगहों के बारे में बता रहे हैं, जो भूतिया और बेहद डरावनी लगती हैं ।

1-भानगढ़ किला- यह भारत का टॉप मोस्ट हॉन्टेड प्लेस है। भानगढ़ किला राजस्थान के अलवर जिले में है। इसे लोग भूतों का भानगढ़ कहते है। इस बारे में रोचक कहानी है कि 16 वीं शताब्दी में भानगढ़ बसता है।भानगढ़ किला मे एक सुन्दर राजकुमारी रत्नावती पर रहती थी।उस पर काले जादू करके वो राजकुमारी को वश में करना चाहता था पर खुद ही उसका शिकार हो कर मर जाता है । पर मरने से पहले भानगढ़ को बर्बादी का श्राप दे जाता है और भानगढ़ वीरान हो जाता है। तब से वीरान हुआ भानगढ आज तक वीरान है और कहते है कि उस लड़ाई में मारे गए लोगो के भूत आज भी रात को भानगढ़ के किले में भटकते हैं। तांत्रिक के श्राप के कारण उन सब कि आत्मा की मुक्ति आज तक नहीं हो पाई है।अब यह जगह अब पुरात्तव विभाग अधीन है और उन्होंने सूर्यास्त के बाद इसे किले में नहीं रुकने की सख्त हिदायत दे रखी है। सरकार ने भी पर्यटकों को यहां अंधेरा होने से पहले चले जाने की चेतावनी जारी कर रखी है। लोगों का मानना है कि आज भी उस तांत्रिक की आत्मा वहीं भटकती रहती है। तांत्रिक के श्राप के अनुसार वह स्थान कभी भी बस नहीं सकता। वहां रहने वाले लोगों की मृत्यु हो जाती है, लेकिन उनकी आत्मा को मुक्ति नहीं मिलती।

2-जमाली-कमली मस्जिद,दिल्ली- यह मस्जिद दिल्ली के महरौली में स्थित है। यहां सोलवहीं शताब्दी के सूफी संत जमाली और कमाली की कब्र मौजूद है। सूफी संत जमाली लोधी हुकूमत के राज कवि थे। इसके बाद बाबर और उनके बेटे हुमायूं के राज तक जमाली को काफी तवज्जो दी गई। माना जाता है कि जमाली के मकबरे का निर्माण हुमायूं के राज के दौरान पूरा किया गया। मकबरे में दो संगमरमर की कब्र हैं, एक जमाली की और दूसरी कमाली की। जमाली कमाली मस्जिद का निर्माण 1528-29 में किया गया था। यह मस्जिद लाल पत्थर और संगमरमर से बनी है आज के समय में जमाली कमाली का मस्जिद और स्मारक, दिल्ली के पुरातात्विक स्थलों को संरक्षित करने वाली कम्यूनिटी के अधीन है।कुछ लोगों के अनुसार कहा जाता है वहाँ किसी अंजान परछाईं का एहसास हुआ है, तो किसी ने रात को वहाँ से आने वाली डरावनी आवाज़ें सुनी हैं। हालाँकि अभी यह निश्चित तौर पर नहीं कहा गया है कि जमाली कमाली मस्जिद सच में भूतहा है। यह उन लोगों के लिए ज़्यादा उत्साही जगह है जो रहस्यमयी कहानियों में मज़े लेते हैं और असाधारण गतिविधियों का निरीक्षण करना चाहते हैं

3-मेरठ का’ ‘भूत बंगला– जिले मेरठ में बेहद डरावना किस्सा है ‘भूत बंगले का’। यह बंगला मॉल रोड स्थित कैंट बोर्ड के सीईओ के आवास के निकट है। यहां रहने वाले परिवार और आसपास के लोग इस बंगले को लेकर लोग कहते हैं कि बंगले के मुख्य गेट के आसपास व छत पर लाल रंग के कपड़े पहने एक युवती अक्सर देखी जाती है। साथ ही यहां बंगले के मेन हाॅल में टेबल पर चार युवकों को शराब पीते देखा जाता है। साथ ही वहां से तरह-तरह की आवाजें आती हैं। बंगले के भीतर कबूतरों के उड़ने की आवाज भी डरावनी लगती है, वहीं चमगादड़ों के झुंड दिन में डराते नजर आते हैं। सांप के बिलों के बाहर मिटटी के ढेर से भी डर लगता है। जिस कारण लोग यहाँ जाने से डरते है। यह बंगला खंडर में तब्दील होने के कारण आज इसे भूत बंगले के नाम से जाना जाता है।

4-​शनिवारवाड़ा किला, पुणे- मराठा साम्राज्य को बुलंदियो पर ले जाने वाले बाजीराव ने 1746 ई. में एक महल का निर्माण करवाया जो शनिवार वाड़ा के नाम से जाना जाता है। यह महल पुणे में आज भी मौजूद है।1818 तक यह पेशावाओं के अधिकार में रहा। 1828 ई. में इस महल में आग लगने से महल का बड़ा हिस्सा आग की चपेट में आ गया। ऐसी मान्यता है की बाजीराव के महल में सत्ता की लालच में 18 साल की उम्र में नारायण राव की हत्या इस महल में कर दी गई थी। वह अपने चाचा को आवाज लगाता रहा पर कोई उसकी मदद के लिए नहीं आया। शनिवारवाड़ा के आसपास रहने वालों का कहना है कि,आज भी यहां नारायण राव की आत्मा भटकती है और उनके द्वारा बोले गए आखिरी शब्द ‘काका माला बचाओ’ की आवाज आसपास के लोगों को सुनाई देते है। अंधेरी रातों में यह किला और अधिक डरावना लगता है।

5-​ब्रिज भवन पैलेस, राजस्थान- ब्रिज भवन राजस्थान के कोटा शहर में स्थित है। ये अंग्रेजों के समय की हवेली थी,जिसे अब होटल के रूप में बदल दिया गया है। आज इसका नाम राजस्थान के मशहूर होटलों में गिना जाता है। देश दुनिया से कई लोग यहां पर आकर ठहरते हैं। इस होटल में ठहरने वाले लोगों की मानें तो यहां पर किसी चीज का साया है। होटल में रुके कई पर्यटकों ने ये तक कहा है कि जब वे होटल के भीतर रुके थे। उस दौरान उनमें से कई लोगों ने आहटों को महसूस किया या किसी आत्मा से जुड़ी घटना को देखा। ऐसा कहा जाता है कि ब्रिज भवन होटल में एक अंग्रेज की आत्मा भी वास करती है। जब विद्रोह शुरू हुआ उस दौरान मेजर चार्ल्स बर्टन और उसके दो जुड़वां बच्चे ब्रिज भवन में रहा करते थे।विद्रोह के समय सिपाहियों ने चारों तरफ से इस भवन को घेर लिया और अंदर घुसकर मेजर चार्ल्स बर्टन और उनके बेटों को चाकू से मार दिया। कहा जाता है कि तभी से मेजर की आत्मा इस भवन में भटक रही है।

6-कुलधरा गांव- भारत के राजस्थान राज्य में जैसलमेर जिले के एक गांव की है इस गांव का नाम है कुलधरा। जो कई सालों से वीरान पड़ा है। कुलधरा गांव वीरान होने के पीछे एक रहस्यमई कहानी है। इतिहासकारों के अनुसार कहा जाता है कुलधरा गांव पालीवाल ब्राह्मणों का गांव हुआ करता था। इस गांव के आसपास कुल 84 गांव हुआ करते थे जिसमें ब्राह्मण जाति के लोग रहते थे। और इन गांवों को ब्राह्मणों द्वारा ही बसाया गया था। यहां की रियासत के दीवान सलीमसिंह था जो गांव वालों से अधिक कर वसूलता था और इसके साथ ही सलीमसिंह को गाँव के मुखिया की बेटी पसंद आ गई थी दीवान उस लड़की के पीछे इस कदर पागल था कि बस किसी तरह से उसे पा लेना चाहता था। दीवान ने इसके लिए ब्राह्मणों पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। हद तो तब हो गई कि जब सत्ता के घमंड में चूर उस दीवान ने गांव मे मुखिया के घर धमकी भरा संदेश भिजवाया कि यदि अगले कुछ दिनों में उसे यह लड़की नहीं मिली तो वह गांव पर हमला करके लड़की को उठा कर ले जाएगा। यह खबर सुनकर गांव में हड़कंप मच गया। गांव में यह बहन बेटी के लिए आत्म सम्मान की बात थी। तब गांव के लोगों ने पंचायत बुलाई जिसमे आस पास के सभी 84 गांव के लोगों ने मिलकर एक फैसला लिया की कुछ भी हो जाए लेकिन अपनी लड़की उस दीवान को नहीं देंगे। उसी दिन रात के समय में गांव के लोग चुपचाप यहां से चले गए।कहा जाता है की यहां से पालीवाल ब्राह्मणों ने जाते समय इस गांव को श्राप देकर गए। कि आज के बाद इस गांव में कोई नहीं रह पाएगा तब से लेकर आज तक कुलधरा गांव में इंसान तो दूर यहां पर कोई परिंदा भी नही बसता।आपको बता दें कि बदलते समय के अनुसार बाकी आस-पास के गांव तो फिर से बस गए हैं लेकिन कुलधरा गांव आज भी विरान पड़ा है। आज के समय में सरकार ने कुलधरा गांव को पर्यटक स्थल घोषित कर दिया है। यहां पर पर्यटकों का आना जाना लगा रहता है लेकिन शाम ढलते ही कुलधरा गांव के दरवाजे बंद हो जाते हैं। और यहां पर कोई नही रहता अगर रात में कोई यहां रहता है तो वो है रूहानी ताकतों का एक रहस्यमय संसार। लोग कहते हैं कि रात के वक्त यहां पर भूत रहते हैं रात में जो भी व्यक्ति यहां पर गया वो हादसे का शिकार हो जाता हैं। यहां पर आने वाले पर्यटक फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी का भरपूर आनंद उठाते हैं

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अनुराग बघेल

एडिटर: अनुराग बघेल

मेरा नाम अनुराग बघेल है। मैं बिगत कई सालों से प्रिन्ट मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़ा हूँ। पत्रकारिकता मेरा पैशन रहा है। फिलहाल मैं हिन्दुस्तान 18 हिन्दी में रिपोर्टर ओर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हूं।

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