भारत की टॉप १० सबसे पवित्र नदियाँ –India’s top 10 holiest rivers 

भारत की टॉप १० सबसे पवित्र नदियाँ –india’s top 10 holiest rivers 

 

1 गंगा नदी – भारत की सबसे पवित्र और महत्वपूर्ण नदियों में से एक है । गंगा नदी भारत और बांग्लादेश में मिलकर 2 525 किलोमीटर की दूरी तय करती है. भारत की चार सबसे लम्बी नदियों में गंगा का नाम शामिल है. जो हिमालय में गौमुख से निकलकर बंगाल की खाड़ी की और बहती हुई सबसे लंबी नदी है। नदी को भारत की “राष्ट्रीय नदी” घोषित किया गया है और गंगा डॉल्फ़िन को भारत का राष्ट्रीय जलीय जानवर भी घोषित किया गया है। बहुत कम ही लोग ऐसे होगे जो गंगा नदी के धार्मिक महत्व से अवगत नही होगें। जहा भारत के साथ साथ विदेशो से लोग गंगा नदी में एक पवित्र स्नान के लिए हआते है। कहा जाता है गंगा नदी के दर्शन मात्र से पापों से मुक्ति मिल जाती है। गंगा नदी के तट पर बने धार्मिक स्थल वाराणसी, प्रयाग और हरिद्वार आदि है. गंगा की सहायक घाघरा नदी है. भारत में गंगा को “गंगा मैया” के नाम से जाना जाता है।

२ यमुना नदी – यमुना नदी भारत की पवित्र और प्राचीन नदियों में से एक है। जो हिमालय पर्वत में यमुनोत्री के रूप में उभरती है और त्रिवेणी संगम, इलाहाबाद में गंगा में मिल जाती है। यह देश की सबसे पवित्र नदियों में से एक है जिसके किनारे वसे गोकुल और मथुरा सबसे पवित्र शहर है। जबकि इसका उद्गम स्थल यमुनोत्री भी श्रद्धालुओं के आस्था का केंद्र बना हुआ है जहाँ देश के विभिन्न कोनो से श्रद्धालु यमुना देवी के दर्शन और पवित्र स्नान के लिए आते है । यमुना नदी की लम्बाई 1211 किलोमीटर है । टोंस, चंबल और गिरि नदियाँ यमुना की महत्वपूर्ण सहायक नदियाँ हैं, इलाहाबाद में गंगा में मिलने से पहले मंदाकिनी नदी यमुना नदी की अंतिम सहायक नदियाँ हैं। प्रसिद्ध ताजमहल भी आगरा में पवित्र हिंदू नदी यमुना के तट पर स्थित है।

3 सरस्वती नदी – सरस्वती एक प्राचीन नदी है जो वेदों में भी वर्णित है । जो वैदिक युग के दौरान उत्तर भारत में बहती थी । हालांकि आज उस प्राचीन नदी का भौतिक अस्तित्व नहीं है, जो कही रेगिस्तान में खो गई। भारत की सबसे पवित्र नदियों में से एक सरस्वती नदी शिवालिक पर्वतमाला, हिमालय से निकलकर त्रिवेणी संगम में जाकर मिलती है। इलाहाबाद में त्रिवेणी संगम 3 नदियों का संगम है, इन तीनों में से एक सरस्वती नदी भी है जिससे इस नदी की पवित्रता का अंदाजा लगाया जा सकता है। अक्सर भारत की सबसे पवित्र नदियों में गंगा, युमना और सरस्वती के नाम ही सबसे उपर लिए जाते है।

४ नर्मदा नदी –नर्मदा नदी जिसे “माँ रेवा” के नाम से जाना जाता है,भारत की सात पवित्र नदियों में से एक है। नर्मदा नदी मध्य प्रदेश के अमरकंटक में मैकला पर्वतमाला से निकलती है और विंध्य और सतपुड़ा पर्वतमाला के बीच आम तौर पर दक्षिण-पश्चिम दिशा में बहती हुई खंभात की खाड़ी में जाकर मिल जाती है । नर्मदा नदी को मध्य प्रदेश की जीवन रेखा भी कहा जाता है । नर्मदा नदी का मध्य प्रदेश में धार्मिक महत्त्व भी काफी अधिक है जिसमे पूर्णिमा , अमावस्या जैसे अन्य पवित्र त्यौहार नर्मदा में स्नान की बिना पुरे नही होते है । बता दे हर पवित्र त्यौहार में लाखो श्रद्धालु माँ रेवा में डुबकी लगाते है और पापों से मुक्ति पाकर अपने आपको धन्य कराते है । महेश्वर, अमरकंटक, ओंकारेश्वर नर्मदा नदी के किनारे बसे सबसे पवित्र नगर हैं। आप जब भी मध्य प्रदेश आएं तो नर्मदा नदी में डुबकी लगाने ना भूलें।

5 शिप्रा नदी – शिप्रा नदी मध्य प्रदेश में बहने वाली एक और प्रमुख नदी है जिसे हिंदू धर्म की सबसे पवित्र नदियों में से एक माना गया है। पवित्र नगरी उज्जैन इसके दाहिने किनारे पर स्थित है जो भारत में बारह प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंगों में से एक के लिए प्रसिद्ध है जिसे महाकालेश्वर के नाम से जाना जाता है । हर 12 साल में उज्जैन में कुंभ मेला उत्सव होता है जिस दौरान लाखों लोग पवित्र नदी शिप्रा में पवित्र स्नान और स्नान करते हैं। यह पवित्र नदी इंदौर के उज्जैनी मुंडला गांव की ककड़ी बड़ली नामक स्थान से निकलती है और चंबल नदी में जाकर मिल जाती है।

6 सिंधु नदी – सिंधु नदी एशिया की सबसे बड़ी और लम्बी नदियों में से एक है. यह नदी पश्चिमी तिब्बत, भारत और पाकिस्तान में से होकर बहती है. सिंधु नदी की कुल लम्बाई 3180 किलोमीटर है । सिंधु नदी का उद्गम स्थल तिब्बत के मानसरोवर के निकट ‘सेंगे खबब’ नमक जलधारा को माना जाता है. गिलगिट, काबुल, स्वात, कुर्रम, संगर और टोची ताप्ती नदी की सहायक नदिया है. हिमालय के दुर्गम स्थानों से गुजरती हुई सिंधु नदी कश्मीर और गिलगिट से होती हुई पाकिस्तान में प्रवेश करती है. जब भारत की सीमा पेशावर तक थी. तब ये नदी भारत और ईरान देश का बॉर्डर हुआ करती थी ।

7 गोदावरी नदी – भारत की सात सबसे नदियाँ में से एक गोदावरी नदी दक्षिण भारत की प्रमुख नदी है । गोदावरी नदी की पवित्रता और भक्तों का इसके प्रति आस्था और श्रद्धा भाव के कारण इस नदी को दक्षिणा गंगा के रूप में भी जाना जाता है । गोदावरी नदी महाराष्ट्र के नासिक जिले से 30 किलोमीटर की दूरी पर पश्चिम में ब्रह्मगिरि पर्वत के एक कुंड से निकलकर लगभग 1450 किलोमीटर की दूरी तय करती है. इसके बाद वह बंगाल की खाड़ी में गिरती है. । गोदावरी नदी का नाम तेलुगु भाषा के ‘गोद’ शब्द से पड़ा है, जिसका मतलब मर्यादा होता है। नासिक गोदावरी नदी के किनारे बसा सबसे पवित्र शहर है जो हर 12 साल में कुम्भ मेला की मेजबानी करता है। गोदावरी नदी की महिमा और पवित्रता कुछ ऐसी है की लोग कुम्भ मेले के अलावा अन्य अवसरों पर भी गोदावरी नदी में पवित्र स्नान के लिए इकट्ठा होते है।

8 महानदी- महानदी भारत की प्रमुख नदियों में से एक है. महानदी छत्तीसगढ़ और ओडिशा की सबसे बड़ी नदी है ।महानदी छत्तीसगढ़ में सिहावा नामक पर्वत से निकलती है. इस नदी को ‘छत्तीसगढ़ की गंगा’ और ‘ओडिशा का शोक’ भी कहा जाता है। महानदी की लम्बाई 858 किलोमीटर है। महानदी को कई नामों से जाना जाता है जैसे कि चित्रोत्पला, महानन्दा और नीलोत्पला है. शिवनाथ पैरी सोंढूर हसदेव और अरपा इस नदी की सहायक नदियाँ है. महानदी के तट पर जगन्नाथ बलभद्र और सुभद्रा आदि प्रमुख मंदिर है।

9 कावेरी नदी – कावेरी नदी दक्षिण भारत की अत्यंत पवित्र नदी है जो हिन्दुओं के लिए काफी महत्वपूर्ण स्थान रखती है ।कावेरी नदी पश्चिमी घाट में ब्रह्मगिरी पहाड़ी से निकलती है । कावेरी नदी की लम्बाई 765 किलोमीटर है. कावेरी नदी कावेरीपट्टनम के पास बंगाल की खाड़ी में जाकर मिल जाती है।मेट्टूर बांध कावेरी नदी पर बना एक बड़ा बांध है । कावेरी नदी का सुंदर शिवसमुद्रम जलप्रपात भारत का दूसरा सबसे बड़ा जलप्रपात है।

10 ताप्ती नदी –
ताप्ती नदी पश्चिमी भारत की मुख्य नदी है. ताप्ती नदी मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के मुलताई से निकलकर सतपुड़ा पहाड़ियों के मध्य से पश्चिम की और बहती है  । महाराष्ट्र के खानदेश के पठार एवं सूरत के मैदान को पार करती हुई खम्भात की खाड़ी में गिरती है. ताप्ती नदी की लम्बाई 724 किलोमीटर है. ताप्ती नदी को सूर्यपुत्री भी कहा जाता है. पूर्णा, गिरना और पंझरा ताप्ती नदी की प्रमुख सहायक नदियाँ है । ताप्ती नदी मध्यप्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र से होकर गुजरती है. सूरत शहर ताप्ती नदी के किनारे बसा हुआ है।

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अनुराग बघेल

एडिटर: अनुराग बघेल

मेरा नाम अनुराग बघेल है। मैं बिगत कई सालों से प्रिन्ट मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़ा हूँ। पत्रकारिकता मेरा पैशन रहा है। फिलहाल मैं हिन्दुस्तान 18 हिन्दी में रिपोर्टर ओर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हूं।

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