जैसे राखे राम जी रहना चाहिए भजन लिरिक्स श्री राजेश्वरानंद जी

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स्वामी राजेश्वरानंद सरस्वती जी का लिखा हुआ वह गाया हुआ बहुत ही प्यारा भजन है। भजन के बोल हैं “जैसे राखे राम जी रहना चाहिए, मान अपमान सब सहना चाहिए”। बहुत ही उत्तम भजन है यह जिसकी लिरिक्स आप सबके लिए प्रस्तुत है। आप देख रहे हैं हिंदुस्तान18.हिंदी

जैसे रखें राम जी रहना चाहिये
मान अपमान सब सहना चाहिये.

चाहते आराम हो तो रोज ही सुबह शाम ,
सीताराम सीताराम कहना चहिये….
जैसे रखें राम जी रहना चाहिये

अनुकूल प्रतीकूल दोनों ही कूलो के मध्य ,
सरिता समान सदा बहना चाहिये….
जैसे रखें राम जी रहना चाहिये

रहो सदा शान से भरोसे भगवान के,
काल के भी डर से न डरना चाहिये….
जैसे रखें राम जी रहना चाहिये.

देह का अध्यास छोड़ ममता से मुखमोड़ ,
हो के मुक्त महि में विचरना चाहिये….
जैसे रखें राम जी रहना चाहिये

रंक हो ‘राजेश’ हो की देश परदेश हो,
समता ही चित्त में उभरना चाहिये…
जैसे रखें राम जी रहना चाहिये

परम पूज्य राजेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज के भजन सत्संग


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हिन्दुतान 18 न्यूज़ रूम

एडिटर: हिन्दुतान 18 न्यूज़ रूम

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