बेसहारा हुआ परिवार: इकलौते बेटे की मौत से उजड़ गया घर, सरकार से गिड़गिड़ा रहा है बुजुर्ग पिता

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जम्मू– कोरोना के कहर से कई परिवार उजड़ गए हैं तो कई के इकलौते सहारे छिन गए हैं। इससे परिवारों का मौजूदा स्थिति में गुजर-बसर करना मुश्किल हो रहा है। जम्मू-कश्मीर प्रशासन की ओर से ऐसे परिवारों की मदद के लिए कुछ दिन पहले योजना शुरू की है, लेकिन उसके जमीनी स्तर पर लागू होने तक पीड़ित परिवारों के लिए दो जून की रोटी का प्रबंध करना दूर की कौड़ी साबित हो रहा है।

यह दर्द सुद्धमहादेव निवासी बुजुर्ग मोहन लाल ने बयां करते हुए सरकार और प्रशासन से सहायता की अपील की है। उन्होंने बताया कि संजय इकलौता बेटा था, जिसकी कोरोना महमारी के चलते 14 दिन पहले मौत हो गई है। उस पर ही परिवार की जिम्मेदारी थी। वह कुलचे की रेहड़ी लगाता था, जिससे परिवार का खर्चा चलता था, लेकिन अब स्थिति और भी बिगड़ गई है।

बुजुर्ग पिता ने बताया कि पहले वह भी दिहाड़ी लगाते थे, लेकिन अब उम्र 60 साल हो चुकी है। दिहाड़ी नहीं लगा सकते हैं।

बेटे की बीमारी के बाद परिवार पर उधारी का बोझ बढ़ गया है। उधारी चुकाने की चिंता सता रही है। कुछ लोगों ने मदद के लिए हाथ बढ़ाए हैं। मगर बहु और संजय के बच्चे के भविष्य की चिंता सता रही ।

हिन्दुतान 18 न्यूज़ रूम

एडिटर: हिन्दुतान 18 न्यूज़ रूम

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