ब्राह्मण ब्राह्मण मत खेलो, दम है तो प्रदेश की मूल समस्याओं पर प्रदेश के नेता मुझसे कर लें बहस – किसान मजदूर नेता जयप्रकाश उर्फ जेपीभैया

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लखनऊ – 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक पार्टियां ब्राह्मण वोटरों पर घात लगाए बैठी हैं। कोई परशुराम भगवान की सबसे ऊंची प्रतिमा बनवाने की बात कर रहा है तो कोई भगवान परशुराम व ब्राम्हण संतों के नाम से कॉलेज, अस्पताल, सड़क बनवाने की बात करने लगे हैं। पहले सपा मुखिया ने ब्राह्मण कार्ड खेला और अब मायावती ने।

इसी क्रम में आज बसपा सुप्रीमो मायावती ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके ब्राह्मणों को रिझाने का प्रयास किया है। मायावती ने कहा है कि अगर प्रदेश में उनकी सरकार बनती है तो ब्राह्मणों के महापुरुषों के नाम से कॉलेज, अस्पताल व सड़के बनेगी।जिस पर पलटवार करते हुए किसान मजदूर सेना के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष जयप्रकाश उर्फ दूबे जेपीभैया ने ट्वीट किया है।

ट्वीट के अनुसार उन्होंने कहा है की प्रदेश में राजनैतिक दल ब्राह्मण ब्राह्मण खेल रहे हैं जो कि प्रदेश को दोबारा गर्त में ले जाने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि अगर किसी भी राजनीतिक पार्टी के नेता में दम है तो वह खुले मंच पर मुझसे बहस कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब प्रदेश की मूलभूत समस्याओं पर बात होगी न कि जातिगत राजनीति पर। उन्होंने कहा है कि अगर दम है तो अखिलेश यादव और मायावती दोनों दल के नेता प्रदेश की मूलभूत समस्याओं पर खुले में बहस कर लें।

जेपीभैया ने कहा कि ब्राह्मण किसी की कृपा का मोहताज नहीं है और महापुरुषों की कोई जाति नही होती है, सभी जाति के महापुरुषों का सम्मान हो लेकिन बातें तो अब असली मुद्दों पर करनी होंगी और उस पर काम भी करना होगा।

उन्होंने समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव और मायावती को टैग करते हुए लिखा है कि किसानों, श्रमिकों व बेरोजगारों की समस्या पर चर्चा होनी चाहिए न कि प्रदेश को गर्त में धकेलने की राजनीति होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी राजनीतिक दलों ने जातिवादी राजनीति करके प्रदेश को गर्त में ढकेल दिया है जहां पर भय, भूख व भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है तथा लोग अपने राज्य को, अपने जिले को छोड़कर के दूसरे राज्यों में जाकरके रोजी रोटी कमाने और वहां की जिल्लत को झेलने के लिए विवश हैं। उन्होंने कहा है कि प्रदेश का कोई भी नेता जो अपने आप को नेता मानता हो दम है तो मुझसे खुली बहस कर सकता है। जेपीभैया सम्वाददाता से बात करते हुए कहा है कि सभी जातियों के महापुरुषों का सम्मान होना चाहिए और करना भी पड़ेगा किंतु बेरोजगागी, किसानों की दुर्दशा, पलायन व भ्रष्टाचार के मुद्दों के बिना उत्तर प्रदेश की जनता का कल्याण सम्भव नहीं है। जेपीभैया के इस पलटवार पर प्रदेश की जनता का जबरदस्त समर्थन समर्थन मिल रहा है।

मुकेश कुमार

एडिटर: मुकेश कुमार

Hindustan18-हिंदी में सम्पादक हैं। किसान मजदूर सेना (किमसे) में राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी के पद पर तैनात हैं।

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