Delta Plus Variant ने बढ़ाई चिंता, महाराष्ट्र में फिर हो सकता है लॉकडाउन

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मुंबई- देशभर में कोरोना वायरस के नए मामलों में लगातार कमी देखी जा रही है। इस बीच कोविड-19 के डेल्टा प्लस वैरिएंट (Delta Plus Variant) ने चिंता बढ़ा दी है। इसके सबसे ज्यादा मामले महाराष्ट्र में सामने आ हैं। डेल्टा प्लस वैरिएंट को केंद्र सरकार ने ‘चिंताजनक स्वरूप’ (वीओसी) के रूप में टैग किया गया है और अगर मामले ज्यादा बढ़ते हैं तो महाराष्ट्र सरकार को राज्य में एकबार फिर प्रतिबंध लगाने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है।

महाराष्ट्र में फिर लग सकता है लॉकडाउन

कोरोना के डेल्टा प्लस वैरिएंट के मामले आने के बाद राज्य सरकार ने गुरुवार 24 जून को इस मुद्दे पर कैबिनेट की बैठक की है। बैठक में पूरे राज्य में एक बार फिर लॉकडाउन लगाने पर चर्चा की गई। बैठक में राज्य के स्वास्थ्य मंत्रालय ने विशेषज्ञों और मंत्रियों को नए संस्करण के मुद्दे पर जानकारी दी और इसकी उपस्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त की। बताया जा जा रहा है कि अगर हालात ऐसे ही बने रहे तो जल्द पाबंदियों का ऐलान किया जा सकता है।

महाराष्ट्र के 7 जिलों में पहुंच चुका है डेल्टा प्लस वैरिएंट

टाइम्स नाउ के अनुसार राज्य के सात जिलों में डेल्टा प्लस वैरिएंट /Delta Plus Variant/ दस्तक दे चुका है और कई मामले सामने आए हैं। रिपोर्ट के अनुसार अधिकारी ऐसे मामलों को अलग कर रहे हैं और संक्रमितों की ट्रेवल हिस्ट्री का विवरण निकालकर कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग कर रहे हैं।

डेल्टा वैरिएंट से नहीं हुई है किसी की मौत

राजेश टोपे (Rajesh Tope) ने कहा कि राज्य सरकार ने जीनोम अनुक्रम अध्ययन के लिए नमूने भेजने का फैसला किया है। उन्होंने आगे बताया, ‘अब तक डेल्टा प्लस वैरिएंट से संक्रमित किसी मरीज की मौत नहीं हुई है। इस प्रकार के लक्षण और उपचार समान हैं। कोई भी बच्चा नए वैरिएंट से संक्रमित नहीं हुआ है।’ स्वास्थ्य मंत्री ने अधिकारियों को डेल्टा प्लस वैरिएंट के मामलों की बारीकी से निगरानी करने का निर्देश दिया है, क्योंकि इन मामलों की जानकारी एकत्र करने और अध्ययन करने की आवश्यकता है।

इन 7 जिलों पर ध्यान केंद्रित करने के आदेश

इसके साथ ही महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने अधिकारियों को राज्य के सात जिलों पर ध्यान केंद्रित करने का आदेश दिया है, जहां संक्रमण दर अधिक है। सीएम ठाकरे ने इस तथ्य पर भी जोर दिया कि अगर वायरस फैलने का खतरा है तो प्रतिबंधों में ढील देने में जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने रायगढ़, रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग, सतारा, सांगली, कोल्हापुर और हिंगोली जिलों के कलेक्टरों से बात करते हुए कहा कि सभी जिलों में तीसरी लहर की संभावना को देखते हुए ऑक्सीजन बेड, आईसीयू बेड, फील्ड अस्पताल स्थापित करने की योजना बनानी चाहिए।

महाराष्ट्र में 60 लाख लोग हो चुके हैं संक्रमित

इस बीच, महाराष्ट्र में गुरुवार को कोरोना वायरस के 9844 नए मामले दर्ज किए गए, जबकि 197 मरीजों ने संक्रमण के कारण दम तोड़ दिया। स्वास्थ्य विभाग ने एक बयान में कहा कि राज्य में अब तक कुल 60 लाख 7 हजार 431 लोग इस महामारी से संक्रमित हो चुके हैं। वहीं मुंबई में गुरुवार को कोविड-19 के 773 नए मामले सामने आए और 10 मौतें हुईं। इसके बाद संक्रमण की संख्या 7 लाख 22 हजार 736 हो गई है, जबकि मरने वालों की संख्या 15 हजार 348 हो गई है।

मुकेश कुमार

एडिटर: मुकेश कुमार

Hindustan18-हिंदी में सम्पादक हैं। किसान मजदूर सेना (किमसे) में राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी के पद पर तैनात हैं।

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