बुद्ध पूर्णिमा: देश-विदेश में मनाया जा रहा है पर्व, किमसे संस्थापक ने देश वासियों को दी बधाई

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आस्था- आज बुद्ध पूर्णिमा है। वैशाख माह में पूर्णिमा के दिन बुद्ध पूर्णिमा का पावन त्योहार मनाया जाता है। इस दिन भगवान बुद्ध का जन्म हुआ। भगवान बुद्ध को भगवान विष्णु का अवतार माना जाता है। इस पूर्णिमा को सत्यव्रत पूर्णिमा भी कहा जाता है। बुद्ध पूर्णिमा को प्रकश उत्सव के रूप में भी मनाया जाता है। इस दिन अन्न दान का विशेष महत्व है। बुद्ध पूर्णिमा के दिन ही भगवान गौतम बुद्ध का जन्म हुआ, इसी दिन उन्हें ज्ञान की प्राप्ति हुई और इसी दिन उनका महानिर्वाण भी हुआ।

किसानों, श्रमिकों, प्राइवेट कर्मियों व आमजनों की लड़ाई लड़ने वाले किसान मजदूर सेना के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष जयप्रकाश दूबे उर्फ जेपीभैया ने देश वासियों को बुद्ध पूर्णिमा की बधाई दी है। उन्होंने कहा कि भगवान बुद्ध के विचारों को अंगीकार करने से देश और दुनिया में शांतिः व सद्भाव स्थापित किया जा सकता है।

हिंदू धर्म में मान्यता है कि बुद्ध पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करने से उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है। घर में सुख-शांति और खुशहाली आती है। इस दिन सूर्योदय से पूर्व उठकर घर की साफ-सफाई करें। घर के मुख्य द्वार पर रोली, हल्दी या कुमकुम से स्वस्तिक बनाएं और पूरे घर में गंगाजल का छिड़काव करें। इस दिन बोधि वृक्ष के सामने दीपक जलाएं और उसकी जड़ों में दूध अर्पित करें। जरूरतमंदों को भोजन व वस्त्र आदि दान करें। शाम को चंद्रमा को अर्घ्य दें। बुद्ध पूर्णिमा के दिन धार्मिक स्थलों पर बौद्ध ध्वज फहराया जाता है। बुद्ध पूर्णिमा पर पिंजरे में कैद पक्षियों एवं पशुओं को आजाद किया जाता है।

बिहार स्थित बोधगया में सिद्धार्थ ने कठोर तप किया और वैशाख पूर्णिमा के दिन बोधगया में बोधिवृक्ष के नीचे उन्हें बुद्धत्व ज्ञान की प्राप्ति हुई। भगवान बुद्ध ने अहिंसा और सत्य का मार्ग अपनाया और उन्होंने पूरी दुनिया को शांति का पाठ पढ़ाया।

हिन्दुतान 18 न्यूज़ रूम

एडिटर: हिन्दुतान 18 न्यूज़ रूम

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