पीड़ितों को गाली, गरीबों के जमीन पर कब्जा दिलाने व फर्जी मुकदमे बाजी में मास्टर है गोण्डा पुलिस का यह जांबाज

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मनकापुर/गोण्डा- मामला है गोंडा जिले के थाना मोतीगंज का जहां पर एक पीड़ित महिला अपनी फरियाद लेकर मोतीगंज थाना प्रभारी ब्रह्मानन्द सिंह के पास पहुंचती है। महिला ग्राम पंचायत मंगरांवा की निवासिनी है मंजू देवी। मंजू देवी अपने बहुओं के साथ रहती है व उसके लड़के रोजी रोटी के जुगाड़ के लिए गैर राज्य में मजदूरी करते हैं।

जनहित में प्रस्तुत ब्रम्हानंद सिंह, थाना प्रभारी मोतीगंज की फोटो व पीड़िता द्वारा पुलिस कप्तान साहब को की गई फरियाद की नकल

महिला के पड़ोसी रामा शंकर ओझा उसकी आबादी की जमीन पर अवैध छप्पर रखना चाहते हैं। इसी बात के लिए पुलिस से मदद मांगने महिला तहरीर लेकर थाने पहुंचती है। उसे उम्मीद थी कि भाजपा की सरकार है हमें न्याय मिलेगा लेकिन जब भ्रष्टाचार की चासनी किसी सरकारी कर्मचारी पूरे शरीर पर लिपटी हो तो उसे न सरकार की साफ सुथरी मंशा दिखती है न ही उच्च पदस्थ अधिकारियों के मान मर्यादा का ख्याल रह जाता है। ठीक ऐसा ही हुआ। पीड़िता के तहरीर पर जब दोनों पक्षों को थाने पर बुलाया गया तब विपक्षीगण जो वर्तमान प्रधान प्रतिनिधि के खासम खास हैं वह अब तक थाना प्रभारी के खासमखास बन चुके थे और थाने में पहले से ही कुर्सियों की शोभा बढ़ा रहे थे। पीड़ित महिला जैसे ही थाने में पहुंचती है थानाध्यक्ष महोदय उस पर भद्दी भद्दी गालियों व धमकियों की बौछार कर देते हैं और कहते हैं कि प्रधान जैसा कहेंगे वैसा ही होगा। चुपचाप इन लोगों को छप्पर रखने दो नहीं तो इतना मुकदमा लाद दूंगा कि बर्बाद हो जाओगी।

इतना सुनकर मंजू देवी के पैरों के नीचे से जमीन सरक गयी। कहाँ वह पीड़िता न्याय की आस लेकर आई थी और कहाँ जज का रूप धारण करके बैठे इस अभद्र थानाध्यक्ष ने अपना फैसला सुना दिया। महिला रोती हुई घर आ गई। मामला कई दिनों तक शांत रहा और वही हुआ जिसका महिला और उनके परिवारी जनों को डर था। पुलिस ने फर्जी तरीके से मनगढ़ंत कहानी बनाते हुए पीड़िता मंजू देवी के लड़कों पर कई धाराओं में एनसीआर कर दिया ताकि दबाव में आकर महिला अपनी पुश्तैनी जमीन पड़ोसी को दे दे।

हमारी टीम ने गावँ के लोगों से पड़ताल किया और यह जानने का प्रयास किया कि क्या गाँव में किसी भी प्रकार की घटना जैसे कि मार पीट या कोई अन्य विवाद हुआ है? लेकिन हमारे पास इस बात के साक्ष्य मौजूद हैं कि गाँव में कोई ऐसी घटना हुई ही है। केवल जमीन पर कब्जा दिलवाने के लिए विपक्षी गण, प्रधान प्रतिनिधि व वर्दी पहनते हुते सविधान की शपथ लेकर कसम खाने वाले थाना प्रभारी ने एक कपोल कल्पित कहानी के आधार पर गोण्डा के थाना मोतीगंज में एनसीआर दर्ज किया गया है।

पीड़िता ने अब गोण्डा के पुलिस कप्तान संतोष मिश्रा से मिलकर अपनी पूरी आप बीती सुनाई है व न्याय की गुहार लगाता हुआ एक पत्र भी दिया है। अब देखना यह है कि गरीबों की जमीन पर कब्जा करवाने, फर्जी मुकदमे में फंसाने, महिलाओं को भद्दी भद्दी गालियां देने वाले थानेदार महाशय इसी तरह क्षेत्र के सांसद, विधायक की छवि बिगाड़ने, सरकार व अधिकारियों की मंशा पर पानी फेरने के लिए अपनी सेवा जारी रखते है अथवा न्याय के लिए जाने जाने वाले पुलिस अधीक्षक संतोष मिश्रा जी इन्हें नाप देते हैं।

इस मुद्दे पर कई समाजसेवी संगठनों के प्रतिनिधियों व कानूनविदों ने कहा है कि पुलिस के आलाधिकारी न्याय अवश्य करेंगे। यदि ऐसा नही होता है तो पीड़ित महिला व उनके परिवार के साथ हुई इस पुलिया दुर्व्यवहार के खिलाफ हम लोग आंदोलनरत होंगे व माननीय न्यायालय के द्वारा न्याय दिलवाया जाएगा।

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