भजन- मन मतवाले सोच जरा क्या देख लुभाया दुनिया में, जो भी आया उसने जीवन व्यर्थ गंवाया दुनिया में…. योनि अनेको में भटका तब तरह तरह का कष्ट सहा, रक्त माँस मल और मूत्र […]

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