कैसे कैसे नज़ारे देखे हैं, झुठे सच्चे सहारे देखे हैं, ज़िन्दगी में ज़िन्दगी की नदिया के, खुशी गम दो किनारे देखे हैं। जो कभी थे सितारे हिन्द उनके भी, गर्दिशो में सितारे देखे हैं। […]

स्वामी राजेश्वरानंद सरस्वती जी की लिखी हुई यह पंक्तियां बहुत ही कमाल की हैं आपने इस नश्वर संसार का जिस तरह से बोध लोगों को कराया है वह अद्भुत है स्वामी राजेश्वरानंद सरस्वती जी […]

परिश्रम करे कोई कितना भी लेकिन , कृपा के बिना काम चलता नहीं है…. निराशा निशा नष्ट होती ना तब तक, दया भानु जब तक निकलता नहीं… दमित वासनाये अमित रूप ले जब, अंतः […]

स्वामी राजेश्वरानंद जी का भजन – किस लिए आस छोड़ें कभी न कभी लिरिक्स किस लिए आस छोड़े, कभी ना कभी क्षण विरह के मिलन में बदल जाएंगे नाथ कब तक रहेंगे कड़े एक […]

काया कुटिया निराली जमाने भर से स्वामी राजेश्वरानंद जी का भजन लिरिक्स काया कुटिया निराली, जमाने भर से, दस दरवाजे वाली, जमाने भर से।। सबसे सुन्दर आँख की खिड़की, जिसमें पुतली काली, जमाने भर […]

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