स्वामी राजेश्वरानंद सरस्वती जी की लिखी हुई यह पंक्तियां बहुत ही कमाल की हैं आपने इस नश्वर संसार का जिस तरह से बोध लोगों को कराया है वह अद्भुत है स्वामी राजेश्वरानंद सरस्वती जी […]

परिश्रम करे कोई कितना भी लेकिन , कृपा के बिना काम चलता नहीं है…. निराशा निशा नष्ट होती ना तब तक, दया भानु जब तक निकलता नहीं… दमित वासनाये अमित रूप ले जब, अंतः […]

भजन- मन मतवाले सोच जरा क्या देख लुभाया दुनिया में, जो भी आया उसने जीवन व्यर्थ गंवाया दुनिया में…. योनि अनेको में भटका तब तरह तरह का कष्ट सहा, रक्त माँस मल और मूत्र […]

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