स्वामी राजेश्वरानंद सरस्वती जी का लिखा हुआ वह गाया हुआ बहुत ही प्यारा भजन है। भजन के बोल हैं “जैसे राखे राम जी रहना चाहिए, मान अपमान सब सहना चाहिए”। बहुत ही उत्तम भजन […]

परिश्रम करे कोई कितना भी लेकिन , कृपा के बिना काम चलता नहीं है…. निराशा निशा नष्ट होती ना तब तक, दया भानु जब तक निकलता नहीं… दमित वासनाये अमित रूप ले जब, अंतः […]

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