हे मुरलीधर छलिया मोहन हम भी तुमको दिल दे बैठे ग़म पहले से ही कम तो ना थे एक और मुसीबत ले बैठे हे मुरलीधर… दिल कहता है तुम सुन्दर हो, आंखे कहती हैं […]

स्वामी राजेश्वरानंद सरस्वती जी की लिखी हुई यह पंक्तियां बहुत ही कमाल की हैं आपने इस नश्वर संसार का जिस तरह से बोध लोगों को कराया है वह अद्भुत है स्वामी राजेश्वरानंद सरस्वती जी […]

“रघुनाथ जी हो जिसकी बिगड़ी बनाने वाले” स्वामी राजेश्वरानंद जी महाराज द्वारा लिखा हुआ गाया हुआ यह अद्भुत भजन.. रघुनाथ जी हो जिसकी बिगड़ी बनाने वाले, क्या फ़िर बिगाड़ सकते, उसका ज़माने वाले। कैसा […]

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