सीताराम सीताराम सीताराम गाये जा, राम जी के चरणों में मन को लगाये जा। छोड़ सभी रिश्ते बस मान यही नाता पिता रघुनाथ जी श्री जानकी जी माता इसी भाव गंगा में डुबकी लगाये […]

सब जग को रही नचाये, हरिमाया जादूगरनी अति अदभुत खेल रचाय्, हरिमाया जादूगरनी। कोऊ याको पार ना पावे, यह सबको नाच नचावै दुख में सुख को दरसाये, हरिमाया जादूगरनी….. जाके बस में चराचर नाचै […]

भगवान श्री रामचंद्र जी के बाल रूप का वर्णन करते हुए स्वामी राजेश्वरानंद सरस्वती जी की यह पद्य रचना भजन.. कारे कारे केश कैद करत रसिक चित्त, भौंह करे काम जनु काम की कमान […]

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