हे मुरलीधर छलिया मोहन हम भी तुमको दिल दे बैठे ग़म पहले से ही कम तो ना थे एक और मुसीबत ले बैठे हे मुरलीधर… दिल कहता है तुम सुन्दर हो, आंखे कहती हैं […]

सीताराम जी की प्यारी रजधानी लागे, मोहे मीठो-मीठो सरयू जी को पानी लागे। धन्य कौशला धन्य कैकयी धन्य सुमित्रा मैया, धन्य भूप दसरथ जी के आंगन खेलत चारिउ भैया, मीठी तोतली रसीली प्रभू वाणी […]

कैसे कैसे नज़ारे देखे हैं, झुठे सच्चे सहारे देखे हैं, ज़िन्दगी में ज़िन्दगी की नदिया के, खुशी गम दो किनारे देखे हैं। जो कभी थे सितारे हिन्द उनके भी, गर्दिशो में सितारे देखे हैं। […]

देख लिया संसार हमने देख लिया (Dekh Liya Sansar Hamne Dekh Liya) स्वामी राजेश्वरानन्द जी देख लिया संसार हमने देख लिया, सब मतलब के यार हमने देख लिया । तन निरोग धन जेब में […]

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