सीताराम जी की प्यारी रजधानी लागे, मोहे मीठो-मीठो सरयू जी को पानी लागे। धन्य कौशला धन्य कैकयी धन्य सुमित्रा मैया, धन्य भूप दसरथ जी के आंगन खेलत चारिउ भैया, मीठी तोतली रसीली प्रभू वाणी […]

सब जग को रही नचाये, हरिमाया जादूगरनी अति अदभुत खेल रचाय्, हरिमाया जादूगरनी। कोऊ याको पार ना पावे, यह सबको नाच नचावै दुख में सुख को दरसाये, हरिमाया जादूगरनी….. जाके बस में चराचर नाचै […]

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