सीताराम जी की प्यारी रजधानी लागे, मोहे मीठो-मीठो सरयू जी को पानी लागे। धन्य कौशला धन्य कैकयी धन्य सुमित्रा मैया, धन्य भूप दसरथ जी के आंगन खेलत चारिउ भैया, मीठी तोतली रसीली प्रभू वाणी […]

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