हे मुरलीधर छलिया मोहन हम भी तुमको दिल दे बैठे ग़म पहले से ही कम तो ना थे एक और मुसीबत ले बैठे हे मुरलीधर… दिल कहता है तुम सुन्दर हो, आंखे कहती हैं […]

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