काया कुटिया निराली जमाने भर से स्वामी राजेश्वरानंद जी का भजन लिरिक्स काया कुटिया निराली, जमाने भर से, दस दरवाजे वाली, जमाने भर से।। सबसे सुन्दर आँख की खिड़की, जिसमें पुतली काली, जमाने भर […]

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