विश्वविद्यालयों में पनप रहीं राष्ट्र-विरोधी ताकतों पर नकेल कसी जाएः आरएसएस

नागौर। नागौर में शुक्रवार से शुरू हुई राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शीर्ष पदाधिकारियों की तीन दिवसीय बैठक में विश्वविद्यालयों को लेकर चिंता जाहिर की गई। बैठक में आरएसएस पदाधिकारियों ने जेएनयू में राष्ट्रविरोधी नारों की निंदा करते हुए कहा कि विध्वंसकारी तत्व लंबे समय से विश्वविद्यालयों को अपनी गतिविधियों का केंद्र बनाए हुए हैं। सरकार को इनकी जांच करनी चाहिए।
बैठक में संघ के सर-कार्यवाह सुरेश जोशी द्वारा पेश की गई रिपोर्ट में कहा गया कि कुछ विश्वविद्यालयों में राष्ट्रविरोधी गतिविधियों की खबरें देशभक्त लोगों के लिए चिंता का विषय हैं। अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर आखिर कैसे देश को तोडऩे और बर्बाद करने के नारे बर्दाश्त किए जा सकते हैं। आखिर कैसे संसद को उड़ा देने की साजिश रचने वाला व्यक्ति शहीद का रूतबा पा सकता है।
बैठक में मालदा की घटना का उल्लेख करते हुए आरएसएस ने इस बात पर चिंता जताई कि हिंसक घटनाओं के जरिए भय का वातावरण पैदा करने की कोशिश की जा रही है। संघ ने राजनीतिक दलों से तुष्टिकरण की राजनीति छोड़कर ऐसी घटनाओं को गंभीरता से लेने की अपील की।
संघ की शीर्ष निर्णायक इकाई अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक में संगठन की ओर से उम्मीद जताई गई कि केंद्र और राज्य की सरकारें ऐसी देश-विरोधी और समाज-विरोधी ताकतों से सख्ती से निपटें और हमारे शैक्षिक संस्थानों को राजनीति का अड्डा न बनने दें।
संघ की ये बैठक ऐसे समय में हो रही है जब जेएनयू मसला, हैदराबाद में दलित छात्र की आत्महत्या, शिक्षा के भगवाकरण और असहिष्णुता के मुद्दे पर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर हमले हो रहे हैं और पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव की घोषणा हो चुकी है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की मौजूदगी में भारत माता के चित्र पर पुष्पअर्पित कर कार्यक्रम की शुरूआत की।

Hindi Desk
Author: Hindi Desk

Posted Under Uncategorized