जालसज ने आई.जी को किया गुमराह, हॉस्पिटल में भर्ती मरीज लगा दिया मार पीट करने का आरोप !

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गोंडा: नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से ठगी करने का आरोपी अवधेश कुमार उर्फ़ दीपू मिश्रा द्वारा रचे गए षड्यंत्र का खुलासा उसी के शिकायती पत्र से हो जाता है जो उसने एस.पी. एवं आई.जी जैसे बड़े अधिकारियों को दिया है।

नौकरी का साँझा दे कर लोगों से ठगी करने के आरोप में पहले भी गिरफ्तार हो चुके अवधेश कुमार ने अब दूसरे मामले में अपनों फंसता देख जहर खाने का ढोंग किया। ठग दीपू जिससे नौकरी दिलाने के लिए रूपये ऐंठ लिए उसी पीड़ित को दोषी बनाने की कोशिश की है। ठग दीपू उसके द्वारा किये गए फर्जीवाड़े की सच्चाई जब अखबारों में छपी तो हॉस्पिटल में भर्ती पत्रकार प्रदीप शुक्ला पर तथा ठगी का शिकार हुए पीड़ित लखनऊ में अपनी डियूटी पर तैनान दिनेश कुमार द्विवेदी जिनको दीपू ने ठगी का शिकार बनाया उन दोनों पर 28 सितम्बर को मार पीट करने और धमकाने के आरोप लगाते हुए नौकरी दिलाने के लिए रूपये देने का विवरण दिया है।

जैसा कि विदित है, ठगी करने वाले ऐसे लोग रूपये लेने का एविडेंश नही बनाते यानि कि जब कोई फ्राड करता है तो डिजिटल लेन देन अथवा बैंकिंग लेन देन करने के बजाय कैश लेने का विकल्प चयन करता है। दीपू ने जो उल्लेख किया है वो ठगे गए तीस लाख में से पांच लाख वापिस करने का विवरण है। आई. जी. को दिए गए शिकायती पत्र में उसने लिखा है की 28 सितम्बर को दिनेश द्विवेदी और प्रदीप शुक्ला ने उससे गाली गलौज किया तथा लात मूका थप्पड़ से मारा पीटा। गौरतलब है कि पत्रकार प्रदीप शुक्ला 27 सितम्बर को गम्भीर स्थिति में सतीश चन्द्र मेमोरियल हॉस्पिटल के डॉक्टर एम.के पाण्डेय से इलाज कराने गए थे, जहां उन्हें डॉक्टर ने तत्काल खून चढ़वाने की सलाह दी थी। 28 को पत्रकार प्रदीप शुक्ला को जिला अस्पताल में इलाज हेतु भर्ती कराया गया था जहां उन्हें दो यूनिट खून भी चढ़ाया गया।

ठग द्वारा अपने बचाव में फर्जी व मनगढ़ंत कहानी बनाई गई है। घटनाक्रम की मानें तो यह भी मानना आवश्यक है कि जिस मरीज के शरीर में खून की कमी के चलते खड़े होने की हिम्मत नही थी उसने हॉस्पिटल से चल कर दीपू से मार पीट कैसे किया? दूसरा आरोपी लखनऊ में 28 को अपनी डियूटी पर तैनात था तो गोंडा में दीपू से मारपीट कैसे कर सकता है ? इससे यह स्पष्ट हो जाता है दीपू द्वारा लगाया गया आरोप झूठा और निराधार है।

उसने ठगी किये गए रुपयों को वापिस न करने के लिए ये सब ड्रामा किया है जिसकी पोल पट्टी खुल चुकी है। पुलिस को गुमराह करने तथा पत्रकार को धमकाने एवं फर्जी मामले में फंसाने के लिए रचे गए षड्यंत्र की कहानी अब सबके सामने है। जालसाज अवधेश कुमार उर्फ़ दीपू के पक्षधर जिले के कुछ नौसिखिया पत्रकारों ने भी बिना तथ्यों को जाने जालसाज दीपू के इशारे पर फर्जी खबरे चलाकर ठग के षड्यंत्र में शामिल होकर एक बीमार पत्रकार को फंसाने की पूरी कोशिश की है। नवरात्रि पूजन के लिए डी.जे. अथवा नई दुर्गा प्रतिमाओं की स्थापना के सम्बन्ध में गाइड लाइन की जानकारी देने धानेपुर पहुंचे एडिशनल एस.पी शिव राज को पूरे प्रकरण से अवगत कराया गया है। उन्होंने पत्रकार की तहरीर पर दीपू के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया है।

छायापति : जालसाज दीपू द्वारा आई.जी, एस. पी को दिया गया प्रार्थना पत्र।

हिन्दुतान 18 न्यूज़ रूम

एडिटर: हिन्दुतान 18 न्यूज़ रूम

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