भारत के टॉप 10 अनोखे संग्रहालय | Top 10 unique museums in India

भारत के टॉप 10 अनोखे संग्रहालय | Top 10 unique museums in India

भारत समृद्ध वास्तुकला सुंदरता, संस्कृति, परंपराओं और ऐतिहासिक अतीत से भरा हुआ देश है जिसने कई हजारों साल पुराने अवशेषों और कलाकृतियों को बखूबी ढंग से संभाल कर रखा है। हजारों साल पहले से भारत पर कई वंशो ने राज किया है जिनकी अपनी अपनी मुद्रा, पहनावा, औजार, और अन्य कलाकृतियां होती थी जिनके बारे में आज हर कोई जानने के लिए उत्साहित है। इसी वजह से भारत के लगभग सभी हिस्सों में भारत के प्रमुख संग्रहालय को स्थापित किया गया है ताकि पर्यटक और इतिहास प्रेमी भारत के ऐतिहासिक महत्व के बारे में जान सकें।

1 नेशनल म्यूज़ियम दिल्ली –

दिल्ली में जनपथ और मौलाना आज़ाद रोड के कोने पर स्थित नेशनल म्यूज़ियम भारत के सबसे बड़े संग्रहालयों में से एक है। नेशनल म्यूज़ियम में 2,00,000 कलाकृतियों होने का दावा किया जाता है जो अपने आप में एक आकर्षण है। यह संग्रहालय प्रागैतिहासिक काल से लेकर आधुनिक कार्यों तक उत्पादों की एक विस्तृत श्रृंखला को प्रस्तुत करता है, जहाँ दुनिया भर के देशों की लगभग 5000 बर्ष पूर्व की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का पता लगाया जा सकता है।इस संग्रहालय में हथियारों, सजावटी कलाओं, आभूषणों, पांडुलिपियों, सिक्कों, चित्रों और पूर्व-ऐतिहासिक कलाकृतियों का भी प्रदर्शन किया जाता है, जो बड़ी संख्या में पर्यटकों और इतिहास प्रेमियों को अपनी और आकर्षित करता है।

टाइमिंग– सुबह 10 बजे से लेकर शाम 6.00 बजे

2 इंडियन म्यूजियम कोलकाता –

भारतीय संग्रहालय या इंडियन म्यूजियम “सिटी ऑफ़ जॉय” के नाम से प्रसिद्ध कोलकाता में स्थित है जिसकी गिनती इंडिया के टॉप म्यूजियम में की जाती है। यह संग्रहालय दुनिया का नौवाँ सबसे पुराना संग्रहालय है जिसकी नीव वर्ष 1814 में रखी गई थी और तब से यह बहु-विषयक गतिविधियों का केंद्र रहा है। ‘जादुगर’ के नाम से मशहूर भारतीय संग्रहालय समकालीन चित्रों, बुद्ध के पवित्र अवशेष, मिस्र की ममियों और प्राचीन मूर्तियाँ, आभूषणों, जीवाश्मों, कंकालों, प्राचीन वस्तुओं, बाजूबंदों और तेजस्वी मुगल चित्रों के कुछ अति उत्तम संग्रह हैं । संग्रहालय परिसर के भीतर एक पुस्तकालय और किताबों की दुकान भी मौजूद है जहाँ से आप अपनी पसंद की किताबे खरीद सकते है ।

टाइमिंग-सुबह 10 बजे से लेकर शाम 6.00 बजे

3 गवर्मेंट म्यूजियम, चेन्नई –

भारत के प्राचीन संग्रहालय में से एक चेन्नई का गवर्मेंट म्यूजियम या मद्रास संग्रहालय भारत का दूसरा सबसे पुराना संग्रहालय है जिसे 1851 में स्थापित किया गया था। चेन्नई के सबसे व्यस्त स्थानों में से एक एग्मोर में स्थित यह म्यूजियम 16.25 एकड़ भूमि पर फैला हुआ है। यह संग्रहालय भूविज्ञान, प्राणी विज्ञान और नृविज्ञान और वनस्पति विज्ञान से संबंधित विभिन्न किस्मों को प्रदर्शित करता है। साथ ही संग्रहालय में उत्कृष्ट दक्षिण भारतीय समय के साथ-साथ, चुलकिया, चोल और विजयनगर के उत्कृष्ट खंड भी मिलते है। जिसमे उनसे संबंधित कई कलाकृतियों,पेंटिंग, और अन्य चीजों को देखा जा सकता है। शहर के सबसे प्रतिष्ठित पुस्तकालयों में से एक कोनीमारा पब्लिक लाइब्रेरी भी इस संग्रहालय का एक हिस्सा है।

टाइमिंग- सुबह 9.30 बजे से शाम 5.00 बजे तक

4 अल्बर्ट हॉल संग्रहालय जयपुर –

जयपुर के राम निवास उद्यान में स्थित, अल्बर्ट हॉल संग्रहालय राजस्थान का सबसे पुराना संग्रहालय है। इंडो-सरैसेनिक वास्तुकला के एक आदर्श प्रतीक के रूप में खड़े इस इमारत का नाम प्रिंस ऑफ व्हेल्स, अल्बर्ट एडवर्ड के नाम पर रखा गया है। जिसे सरकारी केंद्रीय संग्रहालयय भी कहा जाता है, जो दुनिया के विभिन्न क्षेत्रों से लाये गए कलाकृतियों का एक व्यापक संग्रह है। हरे भरे बागानों से सुसज्जित, अल्बर्ट हॉल की नींव 6 फरवरी 1876 को रखी गई थी जब अल्बर्ट एडवर्ड भारत आए थे। संग्रहालयय की दीर्घाओं में अतीत से प्राचीन वस्तुओं और कलाकृतियों का एक संग्रह है जो आपको हैरान कर देगा। प्राचीन सिक्के, संगमरमर की कला, मिट्टी के बर्तनों, कालीनों और विशेष रूप से मिस्र की ममी रखी गई है जो इतिहास शौकीनों और पर्यटकों के घूमने के लिए भारत के प्रसिद्ध संग्रहालय में से एक है।

टाइमिंग– 10.00 बजे से शाम 5.00 बजे तक और शाम 7.00 बजे से रात 10 बजे तक

5 छत्रपति शिवाजी महाराज वास्तु संग्रहालय मुंबई –

छत्रपति शिवाजी महाराज वास्तु संग्रहालय या “द प्रिंस ऑफ़ वेल्स संग्रहालय”मुंबई में स्थित एक शानदार संरचना है जिसे भारत के प्रमुख संग्रहालय के रूप में मान्यता प्राप्त है। यह म्यूजियम भारत के समृद्ध और विविध इतिहास से संबंधित रखने वाली लगभग 50,000 कलाकृतियों का अद्भुद संग्रह है। यह परिसर देश के प्राचीन कलाकृतियों और मूर्तिकारों के असंख्य संग्रह को प्रदर्शित करता है। छत्रपति शिवाजी महाराज वास्तु संग्रहालय की आधारशिला 11 नवंबर 1905 को वेल्स के राजकुमार द्वारा रखी गई थी, जबकि 10 जनवरी 1922 को इसे एक संग्रहालय के रूप में स्थापित किया गया था । आश्चर्यजनक पत्थर और जाली के काम से सुसज्जित, प्रिंस ऑफ वेल्स संग्रहालय की वास्तुकला भारतीय, मुगल और ब्रिटिश इंजीनियरिंग शैलियों का मिश्रण है जो इसे कला प्रेमियों के लिए बेहद खास जगह बनाती है । बता दे प्रिंस ऑफ वेल्स संग्रहालय को अब अब ‘छत्रपति शिवाजी महाराज वास्तु संग्रहालय’ के नाम से भी जाना जाता है।

टाइमिंग- सुबह 10.15 बजे से शाम 5.00 बजे तक

६ शंकर अंतर्राष्ट्रीय डॉल म्यूजियम दिल्ली –

5000 वर्ग फीट के क्षेत्र में फैला हुआ शंकर अंतर्राष्ट्रीय डॉल म्यूजियम इंडिया के टॉप म्यूजियम में से एक है। डॉल म्यूजियम बच्चों के लिए एक स्वप्निल स्वप्नभूमि है जिसमे दुनिया भर से एकत्रित की गई गुड़ियों की 160 से अधिक अलमारियां हैं। यह म्यूजियम बच्चो के साथ साथ पर्यटकों को भी अपनी और आकर्षित करती है और हर साल बड़ी मात्रा में भारतीय पर्यटकों के साथ साथ विदेशी पर्यटक भी इस संग्रहालय का दौरा करते है। आपको बता दे शंकर अंतर्राष्ट्रीय डॉल म्यूजियम में दो खंड है जिसके एक खंड में पश्चिमी देशों की डॉलो को प्रदर्शित किया जाता है जबकि दुसरे खंड में भारत और एशियाई देशों से एकत्रित की गयी डॉलो को देखा जा सकता है। साथ ही शंकर अंतर्राष्ट्रीय डॉल म्यूजियम में कार्यशाला क्षेत्र भी है जहाँ पर्यटक गुड़िया बनाने की कला सीख सकते हैं।

टाइमिंग- सुबह 10 बजे से शाम 5.30 बजे से तक जबकि प्रत्येक सोमबार को म्यूजियम बंद रहता है।

7 कैलिको टेक्सटाइल म्यूजियम अहमदाबाद –

अहमदाबाद एयरपोर्ट रोड पर स्थित कैलिको टेक्सटाइल संग्रहालय सबसे पुराना कपड़ा संग्रहालय है। प्रसिद्ध औद्योगिक व्यक्तित्व, गौतम साराभाई और उनकी बहन गीता साराभाई द्वारा 1949 में स्थापित किए गए, इस संग्रहालय को भारत के पूर्व प्रधान मंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू द्वारा खोला गया था। इस संग्रहालय में विभिन्न बुनाई सामग्री, देश के विभिन्न हिस्सों से डिजाइनर और रंगीन कपड़े की एक सरणी को संरक्षित किया गया है। संग्रहालय वर्तमान में साराभाई फाउंडेशन द्वारा प्रबंधित किया गया है; वस्त्रों के अलावा, संग्रहालय में दक्षिण भारतीय कांस्य कला, मंदिर के लटकने, फर्नीचर, लघु कलाकृतियों और जैन कलाकृतियों को भी दिखाया गया है। कैलिको टेक्सटाइल म्यूजियम में गैलरी सेक्शन के साथ एक लाइब्रेरी भी है।

टाइमिंग-सुबह 10.00 बजे से दोपहर 1.00 बजे तक ( जबकि हर बुधबार और पब्लिक हॉलिडे में बंद रहता है )

8 सालारजंग म्यूजियम हैदराबाद –

पुराने हैदराबाद शहर में स्थित, सालार जंग भारत में तीसरा सबसे बड़ा राष्ट्रीय संग्रहालय है। सालारजंग म्यूजियम तेलंगाना की राजधानी, हैदराबाद में स्थित है। यह एक कला संग्रहालय है। इस संग्रहालय में 10 लाख से भी ज्यादा वस्तुए संगृहीत करके रखी गयी है, जिसे देखने के लिए भारत सहित दुनियाभर के पर्यटक आते रहते है। इसकी स्थापना 16 दिसम्बर 1951 को लगभग 70 वर्ष पहले हुयी थी । इस संग्रहालय में अनगिनत चित्र, मूर्तियां और निजाम से सम्बंधित अन्य चीज़ों को रखा गया है । इस संग्रहालय में कुल 78 कमरे है। यह पहले हैदराबाद के निजाम सालारजंग का निवास स्थल हुआ करता था, और इसमें निजाम और उनके परिवार के लोग रहा करते थे।इस संग्रहालय में अनेकों चित्र प्रदर्शनी के रूप में रखे गए है। जो सालारजंग संग्रहालय की खूबसूरती में चार चाँद लगाते है।

टाइमिंग-10 बजे – शाम 5 बजे तक जबकि हर शुक्रवार और सभी सार्वजनिक अवकाशों पर पुर्णतः बंद रहता है।

9 नेवल एविएशन म्यूजियम गोवा

नेवल एविएशन म्यूजियम संग्रहालय भारत के गोवा राज्य में वास्को डी गामा से 6 किलोमीटर की दूरी पर बोगमालो में स्थित एक सैन्य संग्रहालय हैं। नेवल एविएशन म्यूजियम में कुछ ऐसे संग्रहालय हैं, जोकि भारतीय वायु सेना के विकास को प्रदर्शित करते हैं। नौसेना उड्डयन संग्रहालय को दो भागो में विभाजित किया गया हैं। इसमें से एक बाहरी प्रदर्शनी है और एक दो मंजिला इनडोर गैलरी है। गोवा नेवल एविएशन म्यूजियम का उद्घाटन अक्टूबर 1998 में किया गया था। गोवा में स्थित नौसेना उड्डयन संग्रहालय भारत में अपनी तरह का दूसरा संग्रहालय हैं। इसके अलवा एक अन्य संग्रहालय दिल्ली के पालम में हैं। यदि आप भारत के कुछ फाइटर विमानों और उनसे जुडी जानकारी प्राप्त करना चाहते है तो आपको एक बार नेवल एविएशन म्यूजियम गोवा की यात्रा पर जरूर जाना चाहिए।

टाइमिंग- सोमबार और राष्ट्रीय अवकाश को छोड़कर प्रतिदिन सुबह 9:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक पर्यटकों के लिए खुला रहता है।

10 पटना संग्रहालय

बिहार की राजधानी में पटना शहर में स्थित पटना संग्रहालय, जिसे स्थानीय रूप से जादूघर के नाम से जाना जाता है। यह म्यूजियम इंडिया के फेमस म्यूजियम में से एक है जिसमें 50,000 से अधिक दुर्लभ कला वस्तुएँ हैं जो इसे इतिहास प्रेमियों के लिए बेहद खास बनाती है । 1917 में निर्मित इस संग्रहालय में प्राचीन मध्य युग और ब्रिटिश औपनिवेशिक युग की कलाकृतियाँ शामिल हैं । मुगल और राजपूत वास्तुकला की शैली में निर्मित इस संग्रहालय में पवित्र अवशेष कास्केट, भगवान बुद्ध की पवित्र राख और सुंदर प्रतिमा, यक्षानी देख़ने को मिलते है।

टाइमिंग-सुबह 10.00 बजे से शाम 5.00 जबकि प्रत्येक सोमबार को बंद रहता है।

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अनुराग बघेल

एडिटर: अनुराग बघेल

मेरा नाम अनुराग बघेल है। मैं बिगत कई सालों से प्रिन्ट मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़ा हूँ। पत्रकारिकता मेरा पैशन रहा है। फिलहाल मैं हिन्दुस्तान 18 हिन्दी में रिपोर्टर ओर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हूं।

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