"भारत माता की जय" पर फ़तवा- योगी ने कहा ऐसा फतवा विनाशकाले विपरीत बुद्धि का परिचायक

yogi_newआज गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए योगी ने कहा कि वेद हमारे प्राचीनतम धर्मग्रंथ हैं। इनमें साफ शब्दों में लिखा गया है, धरती हमारी मां है। हम सब इसके पुत्र हैं। मां के जय घोष के लिए किसी जाति, मजहब और पंथ में मनाही नहीं हैं। ये संस्कार का हिस्सा है। हर किसी को ऐसा स्वेच्छा से करना चाहिए। जिन लोगों ने भारत माता की जय के विरोध में फतवा जारी किया है, उनको मैं स्वामी विवेकानंद की एक बात याद दिलाना चाहता हूं, जिसमें उन्होने कहा था कि जो लोग अपने पूर्वज, परंपरा, धर्म और संस्कृति के प्रति गौरव का भाव नहीं रखते उनका अंत निकट होता है। फतवा विनाशकाले विपरीत बुद्धि का उदाहरण है। ऐसे लोगों के खिलाफ क्या टिप्पणी की जाए?

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Author: Hindi Desk

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